जावद। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा मध्यप्रदेश में प्रत्येक जिले में 27 जनवरी से 17 अप्रैल तक ग्राम पंचायत स्तर पर मातृशक्ति अखंड दीप श्रद्धा संवर्धन उप यात्राएं निकाली जा रही हैं।
गायत्री परिवार द्वारा ये यात्राएं गुरुमाता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी एवं शांतिकुंज हरिद्वार में प्रज्वलित अखंड दीप के वर्ष 2026 में सौ वर्ष पूर्ण होने के प्रयाज क्रम में ग्राम प्रवज्जा के रूप में निकाल जा रही है। यात्राओं का मुख्य उद्देश्य संस्कृति की प्रतिष्ठापना और श्रद्धा संवर्धन कर देव परिवार बनाना है।
गायत्री परिवार के जिला समन्वयक गिरिराज सिंह चौहान ने बताया कि शांतिकुंज हरिद्वार के दिव्य संरक्षण एवं मध्यप्रदेश जोन के मार्गदर्शन में नीमच जिले में मनासा, रामपुरा के पश्चात उपयात्रा का शुभारंभ सर्वप्रथम जावद तहसील से किया जा रहा है। जावद तहसील में 10 दिवसीय उपयात्रा अंतर्गत ग्राम प्रवज्जा, शक्ति कलश पूजन, व्यक्ति निर्माण,परिवार निर्माण और समाज निर्माण के जीवनोपयोगी सरल सूत्रों पर संदेश प्रदान किया जाएगा। श्रद्धालुओं को पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सत साहित्य भी भेंट किया जाएगा। साथ ही गायत्री परिवार के सप्त क्रांति आंदोलन साधना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, नारी जागरण, व्यसन मुक्ति, कुरूति उन्मूलन के प्रति जन मानस को प्रेरित कर जीवन जीने की कला का व्यवहारिक संदेश प्रदान किया जाएगा।
जावद तहसील संयोजक श्री कमल ऐरन द्वारा बताया गया कि उक्त उपयात्रा के आयोजन हेतु गायत्री प्रज्ञापीठ जावद पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत जावद तहसील में ग्राम पंचायतवार रूट का निर्धारण करते हुए समायदानी परिजनों के नियोजन का क्रम निर्धारित किया गया।
उपयात्रा का शुभारंभ 15 मार्च को जावद के खोर दरवाजा स्थित गायत्री प्रज्ञापीठ से किया जाएगा, उपयात्रा के रथ को नगर भ्रमण करवाते हुए शक्ति कलश पूजन और संदेश का क्रम जावाद नगर के प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा। तत्पश्चात रथयात्रा के निर्धारित पंचायतवार रूट पर उपयात्रा अग्रसर होगी।
उपयात्रा अंतर्गत जावद तहसील की 38 ग्राम पंचायतों एवं 5 नगर पंचायतों में
शांतिकुंज हरिद्वार के दिव्य संदेश को जन मानस तक पहुंचाया जाएगा। शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा उपयात्रा की प्रतिदिन रिपोर्टिंग का क्रम बनाया गया है।इस हेतु गायत्री परिवार की सक्रिय शाखाओं जावद, अठाना, लोद, हनुमंतिया, बावल आदि के सक्रिय समर्पित परिजनों, मातृशक्ति द्वारा यात्रा हेतु विशेष ग्राम संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।