इंदौर। महू विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले राम किशोर शुक्ला ने फिर भाजपा का दामन थाम लिया है। शुक्ला शनिवार को महू विधायक उषा ठाकुर के घर पहुंचे। बीजेपी के स्थापना दिवस के मौके पर विधायक उषा ठाकुर ने राम किशोर शुक्ला को भाजपा की सदस्यता दिलाई।
विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने महू से उषा ठाकुर को ही रिपीट किया था। राम किशोर शुक्ला को टिकट नहीं मिला तो वह बागी होकर चुनाव लड़े। उनका मुकावला निर्दलीय प्रत्याशी अंतर सिंह दरबार से था। लेकिन शुक्ला न सिर्फ तीसरे स्थान पर रहे उनकी जमानत भी जब्त हो गईं थी। इसके बाद अंतर सिंह दरबार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के जरिए भाजपा में शामिल हो गए।
चुनाव के दौरान दैनिक भास्कर से चर्चा में शुक्ला ने कहा था कि मैंने भारतीय जनता पार्टी में पूरी ईमानदारी लगन और परिश्रम से कार्य किया है। लेकिन आश्वासन के अलावा मुझे कुछ नहीं मिला, इसलिए मैंने भारतीय जनता पार्टी छोड़ने का मन बनाया। वह गांधी हाल इंदौर में कमलनाथ की उपस्थिति में सदस्यता ग्रहण किए थे। सदस्यता ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में कार से काफिले के साथ इंदौर पहुंचे थे।
उन्होंने कांग्रेस के टिकट के संबंध में कहा कि कमलनाथ महू का सर्वे करवाएंगे। उस आधार पर टिकट का वितरण किया जाएगा। मेरे लिए संगठन से बड़ा कोई नहीं है और में कांग्रेस की सदस्यता ले रहा हूं। बाहरी उम्मीदवारों को ही भारतीय जनता पार्टी ने मौका दिया, स्थानीय उम्मीदवारों को आज तक मौका नहीं दिया। जिन कार्यकर्ताओं ने दरी उठाई उनको भाजपा भूल गई।
महू के कद्दावर नेता हैं शुक्ला
रामकिशोर शुक्ला का महू में अलग ही दबदबा है। यहां से चुनाव में भाजपा को हमेशा 15 से 20 हजार की लीड मिलती आई है। अब फिर एक बार शुक्ला के भाजपा में शामिल होने के बाद लोकसभा चुनाव में इंदौर के साथ साथ धार सीट में भी कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि महू विधानसभा वैसे तो इंदौर जिले में आती है लेकिन लोकसभा क्षेत्र धार लगता है।