BREAKING NEWS
BIG REPORT : उज्जैन की एपीआई मैन्युफैक्चरिंग इकाई.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     BIG NEWS : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल खिमला.. <<     KHABAR : मेरे सपनों का भारत को रंगों और शब्दों में.. <<     BIG NEWS : मंदसौर में 50 लाख से अधिक की एमडी ड्रग्स और.. <<     BIG NEWS : दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली, बढ़ेगा सिंचाई.. <<     KHABAR : समूह से मिली आर्थिक मजबूती, आटा चक्की को.. <<     KHABAR : सेवा संकल्प अभियान के तहत देवरी खवासा.. <<     BIG NEWS : गांधीसागर के जंगल में फिर अचानक बढ़ी हलचल,.. <<     BIG NEWS : नीमच में मेंटेनेंस के नाम पर बड़ा पावर कट,.. <<     ‘छात्रों की गूंज’ में बड़वानी के युवाओं की.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     NEWS : निःशुल्क पार्किंग में 24 घंटे में दो बाइक.. <<     BIG NEWS : बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे उत्तराखंड.. <<     NEWS : महेंद्र कपूर की पुण्यतिथि पर सजेगी सुरों.. <<     इंदौर में राहुल गांधी का शक्ति प्रदर्शन!.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 8, 2026, 3:19 pm
KHABAR : 96 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जबलपुर हाईकोर्ट से राहत, सरकार को 48 माह का एरियर्स देने का आदेश, 6 प्रतिशत ब्याज नहीं मिलेगा, कोर्ट ने शर्त हटाई, पढे़ खबर

Share On:-

जबलपुर। मध्य प्रदेश की लगभग 96 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मानदेय के एरियर्स के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बुधवार को राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया है कि वर्ष 2019 से 2023 तक के 48 माह का बकाया एरियर्स आंगनबाड़ी कर्मियों को दिया जाए। हालांकि अदालत ने एरियर्स पर 6 प्रतिशत ब्याज देने के एकलपीठ के आदेश को निरस्त कर दिया है।


जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उनका बकाया मानदेय मिलेगा, लेकिन उस पर ब्याज का भुगतान नहीं किया जाएगा।


क्या है मामला
वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,500 रुपए की वृद्धि की थी। इसके बाद वर्ष 2019 में प्रदेश में सरकार बदलने के बाद राज्य सरकार ने अपना अंशदान कम कर दिया, जिससे कार्यकर्ताओं के मानदेय में कटौती हो गई। कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रुपए से घटा दिया गया, जबकि सहायिकाओं का मानदेय 7 हजार रुपए से घटाकर 5,500 रुपए कर दिया गया।


इस निर्णय के खिलाफ मप्र बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका संगठन और अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।


एकलपीठ ने दिया था ब्याज सहित भुगतान का आदेश
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने पहले मानदेय में की गई कटौती को अवैध ठहराते हुए सरकार को जून 2019 से जून 2023 तक के 48 माह का एरियर्स 6 प्रतिशत ब्याज के साथ 120 दिनों के भीतर देने का निर्देश दिया था। साथ ही आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी एक्ट का लाभ देने का भी आदेश दिया गया था।


इस आदेश को राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी।


डिवीजन बेंच का फैसला
राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अपना अंशदान बढ़ाने के बाद राज्य सरकार द्वारा अपना हिस्सा कम करना प्रशासनिक रूप से उचित नहीं था। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाला वास्तविक लाभ कम हो गया।


अदालत ने राज्य सरकार को अपना पूर्व अंशदान बनाए रखने और कार्यकर्ताओं को चार वर्षों का एरियर्स देने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।


हालांकि, सरकार की इस दलील को स्वीकार करते हुए कि मूल याचिका में ब्याज देने का पर्याप्त कानूनी आधार प्रस्तुत नहीं किया गया था, अदालत ने एरियर्स पर 6 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश हटा दिया।


96 हजार से अधिक कर्मियों को मिलेगा लाभ
हाईकोर्ट के इस फैसले से प्रदेश की करीब 96 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वर्ष 2019 से 2023 तक का बकाया एरियर्स मिलेगा। हालांकि उन्हें इस राशि पर ब्याज नहीं मिलेगा। वहीं, सरकार को ब्याज के भुगतान से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार से राहत मिल गई है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE