ग्वालियर। लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की शेष तीन सीट पर अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान आखिरकार शुक्रवार को कर दिया है। ग्वालियर लोकसभा से कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक प्रवीण पाठक का नाम तय हो गया है। अब उनका लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी भारत सिंह कुशवाह से सीधा मुकाबला होगा।
पूर्व विधायक प्रवीण पाठक ही एक मात्र ऐसे नेता हैं जो कुशवाह समाज बाहुल्य सीट से एक बार जीत हासिल कर चुके हैं। साथ ही संगठन में उनकी पकड़ मजबूत होने का फायदा भी मिला है। वह पहले ब्राहम्ण वर्ग के नेता हैं जिनको कांग्रेस से लोकसभा के लिए प्रत्याशी बनाया गया है।
पढ़े लिखे साफ छवि के तेज तर्रार युवा नेता हैं प्रवीण
प्रवीण पाठक की उम्र 41 वर्ष है और वह ग्रेजुएट हैं। उनकी आजीविका का साधन व्यवसाय हैं। शहर के बड़े व साफ छवि के नेताओं में उनकी गिनती होती है। वह साल 2018 के विधानसभा चुनाव में वर्तमान मोहन यादव की सरकार में मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को हराकर विधायक बने थे। यह सीट कुशवाह समाज बाहुल्स सीट थी। इसी विधानसभा क्षेत्र में वह साल 2023 का विधानसभा चुनाव दो हजार वोट से हार गए थे।
एक अनजान चेहरा थे, साल 2018 में बनाई पहचान
ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक साल 2018 से पहले शहर के लिए एक अनजान चेहरा थे। उनके पिता भी कांग्रेस नेता हैं, लेकिन वह सिंधिया गुट के नहीं होने के कारण कभी चर्चित नहीं हो सके। प्रवीण पाठक, वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी के खेमे के माने जाते थे, लेकिन अब वह नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार व जीतू पटवारी के खास माने जाते हैं। साल 2018 के चुनाव में जब उन्हें नारायण सिंह के सामने कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया तो काफी विरोध हुआ। कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया और नारेबाजी हुई, लेकिन समीक्षा गुप्ता के निर्दलीय खड़े होने से प्रवीण की किस्मत बना दी और वह 121 वोट के मामूली अंतर से जीतकर विधायक बन गए। पर साल 2023 में फिर प्रवीण और नारायण में मुकाबला हुआ और प्रवीण मामूली अंतर से चुनाव हार गए।
क्यों मिला टिकट
प्रवीण पाठक एक मात्र ऐसे नेता हैं जो विधानसभा 2023 के चुनाव में सिंधिया खेमे के सामने डटकर खड़े हुए थे। कई मौको पर वह सिंधिया से सीधी टक्कर लेते नजर आए। इसके साथ ही कुशवाह बाहुल्य सीट से नारायण सिंह कुशवाह को हराकर उन्होंने यह भी साबित किया था कि कुशवाह फैक्टर वह नहीं चलने देंगे। लोकसभा में फिर भाजपा ने कुशवाह समाज के नेता भारत सिंह पर दाव खोला। ऐसे में प्रवीण दमदार उम्मीदवार हैं। साथ ही जातिगत समीकरण भी उनके पक्ष में जा रहा है।