सिंगोली। तहसील क्षेत्र के सीमावर्ती ग्राम अरनिया स्थित मेडकेश्वर महादेव में मंदिर परिसर से लगी शासकीय भूमि पर पत्थर खनन अधिकार मिलने के बाद अब खदान में होने वाले धमाकों से मंदिर के टूटने का खतरा बढ़ गया है। जबकि ग्रामीणों ने खनन अधिकार का विरोध करते हुए भूमि को गोचर घोषित करने की मांग की थी।
रविवार सुबह इस आशय की जानकारी देते हुए मेंडकेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष भंवरलाल धाकड़ ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व भी शासन ने भूमि को लीज पर देकर पत्थर खनन का अधिकार दिया था, उसके बाद पत्थर खनन कार्य के दौरान होने वाले धमाकों से मंदिर में दरारें पड़ गई। बाद में ग्रामीणों के विरोध के चलते तत्कालीन कलेक्टर ने खनन कार्य पर रोक लगवा दी थी।
भविष्य में खदान के रूप में भूमि का इस्तेमाल न हो इसे लेकर जुलाई 2022 में कलेक्टर को आवेदन देकर उक्त भूमि को गोचर घोषित करने की मांग की गई थी। लेकिन नीमच कलेक्टर ने एक बार फिर 4 हेक्टेयर भूमि दस साल के लिए लीज पर देकर राजस्थान निवासी एक व्यक्ति को पत्थर खनन का अधिकार दे दिया। ग्रामीणों ने भूमि लीज पर दिए जाने का विरोध करते हुए शासन के प्रति भारी नाराजगी जताई है।
ग्रामीणों को लगता है कि पत्थर खनन के दौरान खदान में बेशुमार धमाके होंगे, जिससे मंदिर के टूटकर गिर जाने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने मंदिर टूटने की आशंका के चलते एक बार फिर कलेक्टर को आवेदन देकर, खदान लीज निरस्त कर खनन अधिकार वापस लेने और भूमि को गोचर घोषित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने लीज निरस्त नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी है।