चित्तौड़गढ़। शिविर के द्वितीय दिवस मे छात्रों को गुरु वंदन, दैनिक दिनचर्या भगवत पूजन से पूर्व किए जाने वाले पारंपरिक कार्यों की जानकारी दी गयी। विशाल सनातन संस्कार प्रभारी राजेंद्र त्रिपाठी, ज्योतिषाचार्य पंडित विकास उपाध्याय, राकेश गिल ने बताया कि आचार्य रजनीश दाधीच, प्रोफ़ेसर श्याम सुंदर पारिक संस्कृत संभाषण करना, संस्कृत भाषा कैसे बोली जाती हैं, सरल वाक्य बनाना आदि का ज्ञान प्रदान किया। पंडित विकास उपाध्याय ने बटुको को वेद मंत्रों का अभ्यास करवाया। शिविर में आज भी पंजीयन कार्य चलता रहा। इस शिविर में 5 वर्ष से 75 वर्ष आयुवर्ग के कुल 165 बटुक प्रशिक्षण ले रहे है जिसमे 40 से अधिक बालिकाएँ भी सम्मिलित हैं।
शिविर में पूर्व कलेच ओमप्रकाश उपाध्याय, पण्डित दिनेश तिवारी, जगदीश शर्मा डेरी, मदन लाल शर्मा उपरेड़ा, जय प्रकाश शर्मा पचुन्दा ,अशोक जोशी, शिव लाल शर्मा विजयपुर, मनोज मेनारिया पार्षद, भरत चाष्टा रेलवे, पण्डित दीपक शर्मा पंडित चंद्रकांत भारद्वाज, अनुराग शर्मा श्री नाथ जल आदि ने सहयोग किया। अल्पाहार व्यवस्था हेतु परशुराम धाम ट्रस्ट अध्यक्ष मनोज मेनरिया का सहयोग प्राप्त हुआ । बटुकों को माला, उपरना, आसन, गोमुखी , स्टेशनरी भी उपलब्ध करवायी जा रही है। गर्मी के मोसम को देखते हुए दवाइयाँ कूलर टेंट आदि की भी व्यवस्था करवायी जा रही है। शिविर में पंजीयन लगातार बढ़ रहा है। अधिक संख्या को देखते हुए कल से 2 अलग अलग कक्षाएं लगाई जायेगी।