मनासा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उपसंचालक नगीन सिंह रावत ने मनासा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान एक उर्वरक विक्रेता प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों को समय पर एवं निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दुकान एवं गोदाम में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया।
निरीक्षण के दौरान उपसंचालक रावत ने कहा कि खरीफ एवं रबी सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं को दुकान पर स्टॉक एवं मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी विक्रेता द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया या भौतिक सत्यापन में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई तो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लाइसेंस निलंबन तथा एफआईआर जैसी सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उपसंचालक रावत ने किसानों से भी अपील की कि वे खाद खरीदते समय विक्रेता से पक्का बिल अवश्य लें तथा अधिक मूल्य वसूली या अन्य अनियमितता की शिकायत तत्काल कृषि विभाग के स्थानीय अधिकारियों को दें।