चित्तौड़गढ़। 10 दिवसीय सनातन संस्कार शिविर के 7 वे दिन शिविर के संरक्षक और पूर्व डीवायएसपी ओम प्रकाश उपाध्याय के सानिध्य में बटुक रोज नए नए मंत्र और पंचांग सीख रहे है। शिविर प्रभारी राजेंद्र त्रिपाठी, राकेश गिल, चन्द्र शेखर त्रिपाठी ने बताया कि शिविर में बटुक वैदिक मंत्र के साथ संध्या, भोजन, शयन आदि मंत्रों का अभ्यास सीख रहे है।
शिविर में आज के मुख्य अतिथि विनोद जी यति जी महाराज का स्वागत वयोवृध् समाज सेवी शिव लाल शर्मा बिजयपुर, पण्डित मदन मोहन उपाध्याय, मदन लाल शर्मा उपरेडा, जगदीश शर्मा डेरी, अशोक उपाध्याय ने माला, उपरना, सरपाव पहना कर किया। यति जी ने बताया कि आज जिस प्रकार परिवारों मे संस्कारों का क्षय हो रहा है उन परिवारों के बच्चो को संस्कारित करना जरूरी हो गया है। अन्यथा ब्राह्मण संस्कार विहीन हो जायेंगे।यति जी महाराज की तरफ से समस्त बटुको को सिद्ध रुद्राक्ष और सहयोग दिया गया। शिविर मे पधारे चित्तौड़गढ़ फीलिंग स्टेशन के संचालक सत्य नारायण नंदवाना का स्वागत शिव शंकर व्यास पुर,पण्डित दिनेश तिवारी, पण्डित दीपक शर्मा ने माला उपरना सरपाव ओढ़ा कर किया। नंदवाना जी बताया कि संस्कारों से देश संस्कारित होगा, देश से विश्व संस्कारित होगा, तभी सनातन हिंदू बचेगा। शिविर में पधारे गंगरार गुर्जर गौड़ समाज अध्यक्ष और कर्मचारी संग के प्रदेशाध्यक्ष अरविंद व्यास का स्वागत सत्य नारायण व्यास जिंक, अशोक जोशी, भरत चाष्टा रेलवे ने किया। अरविंद व्यास ने कहा कि संस्कार आज हर परिवार की आवश्यकता है। बच्चे इस आधुनिक युग में संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं।इसलिए माता पिता इस दौड़ में स्वयम और बच्चे भी संस्कार विहीन होते जा रहे हैं। इनको संस्कारित करने के ऐसे सनातन संस्कार शिविर की महती आवश्यकता है। बढे बढे समाज के पदाधिकारी बढे मंचों पर केवल समाज को संस्कारित करने की सिर्फ बात करते हैं मगर चित्तौड़गढ़ के कर्मठ युवा ज्योतिषाचार्य विकास उपाध्याय और राजेंद्र त्रिपाठी ने ये करके दिखा दिया। शिविर प्रभारी टीम धन्यवाद के पात्र है।
शिविर में पधारे सारस्वत समाज के योगेश सारस्वत का स्वागत पण्डित रतनेश शर्मा, पण्डित पीयूष शर्मा ने किया। शिविर प्रभारी राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि शिविर की शुरुआत ज्योतिषाचार्य पण्डित विकास उपाध्याय ने बटुको भगवान् को भोजन निबेदन कैसे करे, आहुति मंत्र सिखाया। पंचांग में आज गुण मिलान कैसे करे, भगवान राम और सीता के गुण मिलान करना सिखाया।
दया शंकर त्रिपाठी ने तिथि की वृद्धि क्षय, वार, हस्त की जानकारी दी।
प्रोफेसर श्याम सुंदर पारिक ने बटुको को लोक ,परलोक, ज्ञानेंद्रिय, करमेंद्रिय,नक्षत्र तिथि की जानकारी दी। पण्डित कौशल शर्मा ने छोटे बटुको को दैनिक उपयोग के मंत्र, प्रार्थना,उपासना विधि सिखाई। पंडित रजनीश दाधीच ने सरल संस्कृत का ज्ञान कराया। शिविर की लोकप्रियता को सुनकर दूर दूर से सनातनी आ रहे हैं। आज गंगरार क्षेत्र से कोमल मोदी,गोपाल कखानी, अनिल शर्मा पूर्व उपसरपंच, मुंदड़ा जी ने शिविर का अवलोकन किया। शिविर में सोहन लाल दशोरा अनुराग शर्मा जल, कमलेश भट्ट, सत्यनारायण ओझा, पण्डित कृष्ण गोपाल और जय प्रकाश शर्मा पछुन्द ने सहयोग किया।