मंदसौर। विश्वविद्यालय में प्रो. वी.एस.एस कुमार ने कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। कार्यभार संभालने के बाद प्रो. कुमार ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैं मंदसौर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नरेंद्र नाहटा जी के प्रति कृतज्ञ हूँ कि उन्होंने मुझ पर भरोसा जाहिर करते हुए कुलपति का दायित्व दिया है। अब मेरी यह कोशिश होगी कि मंदसौर विश्वविद्यालय अब राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मापदंडों के अनुरूप कार्य करे। इसके मुख्य घटकों जैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान और पेटैंट, छात्रों के लिए प्लेसमेंट और विश्वविद्यालय के प्रति सार्वजनिक धारणा में सुधार के लिए कार्य करें।
साथ में उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 पर जोर देते हुए कहा कि भारत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का लक्ष्य उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) को बहु-विषयक कार्यक्रम पेश करने वाले शिक्षण केंद्रों में बदलना है। विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में अपने दृष्टिकोण में तभी सफल होगा, जब छात्र न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता के मामले में बल्कि खेल, संस्कृति और कला जैसे क्षेत्रों में भी अपनी क्षमता हासिल कर सकें। हम साथ मिलकर शिक्षण, अनुसंधान और सामुदायिक सहभागिता में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना जारी रखेंगे। हमारे सामूहिक प्रयास भविष्य की सोच को आकार देंगे, अत्याधुनिक शोध को आगे बढ़ाएंगे और समाज की बेहतरी में सार्थक योगदान देंगे।
प्रो. कुमार को विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अध्यापक वर्ग ने विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचने पर पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षक तथा गैर-शिक्षक वर्ग के साथ बैठक कर सभी अधिकारियों, अध्यापकों व कर्मचारियों से व्यक्तिगत तौर पर परिचय किया। कुलपति ने सभी अधिकारियों, अध्यापकों व कर्मचारियों से मंदसौर विश्वविद्यालय के विकास के लिए अपना शत-प्रतिशत सहयोग देने का अनुरोध किया तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अलावा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्होंने सभी को प्रगतिशील विचारों व योजनाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
आगे उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता अनुसंधान एवं विकास और पेटैंट दाखिल करने पर रहेगी। साथ में मेरी यह कोशिश होगी कि विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जाए, जिससे रोज़गार की संभावना को बढ़ाया जा सके। मेरी यह कोशिश है कि छात्रों को एक नवाचार और स्टार्टअप कार्यक्रम शुरू करके एक उद्यमी बनाना है, कल ये छात्र नौकरी ढूंढने के लिए नहीं जाएँगे, वे अपना एक उद्योग शुरू कर सकते हैं। छात्रों को अच्छे नैतिक मूल्य देकर अपने पेशे के प्रति वफादार बनाना हैं, चाहे उनका पेशा इंजीनियरिंग हो, विज्ञान हो, प्रबंधन हो, आदि कुछ भी हो।
इस अवसर पर मंदसौर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नरेंद्र नहाटा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हम प्रो. वी.एस.एस. कुमार को मंदसौर विश्वविद्यालय में स्वागत करते हुए बेहद खुश हैं, प्रो. कुमार का सफल नेतृत्व और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता हमारे नवाचार, समावेशन और एक परिवर्तनकारी शैक्षणिक अनुभव को बढ़ावा देने के मिशन के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।
प्रो. कुमार मंदसौर विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने और संस्थान को अनुसंधान, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता के नए आयामों की ओर ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। उन्होने कहा कि मुझे मंदसौर विश्वविद्यालय में शामिल होने का सम्मान प्राप्त हुआ है और मैं इसके प्रतिष्ठित संकाय, समर्पित कर्मचारियों और प्रतिभाशाली छात्रों के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हूं, हम मिलकर उत्कृष्टता का अनुसरण करेंगे, नवाचार को अपनाएंगे और समाज में सार्थक योगदान देंगे।
डॉ. कुमार ने आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में पी-एच.डी किया है और अबतक इनके निर्देशन में 10 पीएच.डी. जमा हो चुके हैं और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 120 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।