इंदौर। चितावद पेट्रोल पंप के पास मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 3 बजे ऑइल मिल में आग लग गई। नजदीकी दो फ्लैट भी आग की चपेट में आ गए। यहां सो रहे दो परिवार के 11 लोगों को गीला कंबल डालकर बाहर निकाला। आग में दोनों परिवारों की गृहस्थी का पूरा सामान जलकर खाक हो गया।
फायर ब्रिगेड से मिली जानकारी के मुताबिक आग सिद्धि विनायक ऑयल कंपनी में लगी थी। अचानक आग लगने के चलते यहां धुंआ फैल गया। दूर तक आग की लपटें दिखाई देने लगी। सूचना पर यहां दमकल की करीब आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंची। बुधवार सुबह तक आग बुझाने का प्रयास होता रहा। यह कंपनी अभिषेक गोयल की बताई जा रही है।
फ्लैट में फंसा परिवार, शीशे फूटे तो चारों तरफ दिखा धुआं
जानकारी के मुताबिक इस मिल के पास अशोक डोर का परिवार रहता है। उन्होंने बताया कि करीब 3.15 के लगभग उनके घरों के कांच फूटे। बाहर से धमाकों की आवाजें आई। नींद खुली तो चारों तरफ धुआं फैला दिखा। उन्होंने बताया कि मिल से लगे हुए दो फ्लैट में उनका और एक अन्य भाई का परिवार रहता है। धुएं से दोनों परिवार अंदर ही फंस गए। इसके बाद घर के सभी सदस्यों को दूसरे दरवाजे से 10 मिनट में बाहर निकाला।
गृहस्थी का पूरा सामान और केश व ज्वेलरी जल गई
अशोक के मुताबिक हादसे के समय घर पर वह खुद उनकी पत्नी अनिता, बेटी मिकिता, बेटा हर्ष, उज्जैन से आई बेटी सोनिया और उसका 6 साल का बेटा रियांश मौजूद था। दूसरे घर में उनकी भाभी शकुंतला, वर्षा, अंजलि, आनंद और शिवानी सो रहे थे। सभी धुआं देखकर काफी घबराए। गीले कंबल में लपेटकर उन्हें बाहर निकाला।
अशोक के मुताबिक इस आग में दोनों के फ्लैट का पूरा सामान खाक हो गया। फ्रीज, एलईडी टीवी, बिस्तर और फर्नीचर के साथ लाखों रुपए नकदी व ज्वेलरी तक आग में जल गई।
कई बार समझाया, लेकिन नहीं दिया ध्यान
अशोक के मुताबिक उन्होंने मिल के मालिक को कई बार इस तरह के व्यवसाय को लेकर जान माल को लेकर चेताया था। लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। यहां काफी मात्रा में ऑइल और केमिकल का काम होता है। यहां करीब 30 साल पहले भी आगजनी हो चुकी है।