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June 7, 2024, 11:47 am
BIG NEWS : इंदौर में राजवाड़ा पर मना विश्व पोहा दिवस, इंदौर में बनता है सात तरह का पोहा, मंत्री विजयवर्गीय और विधायक भी पहुंचे, पढे़ खबर

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इंदौर। आज विश्व पोहा दिवस पर राजवाड़ा पर मंत्री विजयवर्गीय, विधायक मेंदोला और गोलू शुक्ला ने पोहा खाकर पोहा दिवस मनाया। इंदौर के पोहा प्रेमियों के लिए आज राजवाड़ा पर खास तैयारी की गई थी। इस दौरान बीजेपी के अन्य नेता और पदाधिकारी के साथ ही सामाजिक संस्थाओं के सदस्य व अन्य पोहा प्रेमी लोग शामिल हुए।


विश्व पोहा दिवस भारत में हर साल 7 जून को मनाया जाता है। पोहा दिवस को विश्व पोहा दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह दिन भारतीयों द्वारा पसंद किए जाने वाले सबसे पसंदीदा नाश्ते को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। वैसे तो इस दिन को मनाने के पीछे कोई इतिहास या कहानी नहीं है। पोहा न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। यह आयरन, हेल्दी कार्बाेहाइड्रेट, विटामिन से भरा हुआ है जो शरीर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इस छपटे चावल के पकवान के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह ग्लूटेन फ्री है, जिसका अर्थ है कि यह आसानी से पच सकता है।


इंदौर का सुपर फूड पोहा
पोहे की पहचान सुपर फूड के रूप में बनती जा रही है, क्योंकि ये हल्का होता है। पेट भर जाता है और वजन नहीं बढ़ाता। सुबह एक कटोरी पोहा खाने से लगभग 250 कैलोरी मिलती है। सब्जियों, मूंगफली, नारियल और नींबू डालकर खाने से फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट मिलता है। यह आयरन और विटामिन, विशेष रूप से विटामिन बी 1 देता है, जो शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है।


पोहे का सफर सराफा से राजवाड़ा तक, हर जगह अलग स्वाद
इंदौर में सात तरह से पोहा बनाया जाता है। शहर की प्रसिद्ध 56 दुकान से लेकर सराफा और सभी प्रमुख जगहों पर पोहे की दुकानें आपको मिल जाएंगी। लेकिन खासियत ये है कि हर एक का अपना अलग स्वाद मिलेगा। यही वजह है कि देश विदेश से आने वाले लोग पोहे का आनंद लेना नहीं भूलते और इंदौरी पोहे के स्वाद की तारीफ करते लौटते हैं।


10 पैसे में मिलने वाला पोहा आज 15-25 रूपए में मिल रहा
इंदौर में शुरुआत में पोहा 10 से 12 पैसे प्लेट की दर से मिलता था। लेकिन आज ज 15 से 25 रुपए प्लेट पर पहुंच चुका है। इंदौर में एक दुकान से शुरू हुई दुकानों की संख्या अब तीन हजार के पार हो गई है। ये वे दुकानें हैं, जहां पूरे दिन पोहा बेचा जाता है। पोहे में वैरायटी का क्रेज है। उसल पोहा, पनीर के साथ पोहा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।


इंदौर में करीब 90 फीसदी लोग दिन की शुरुआत पोहा के नाश्ते से करते हैं
इंदौर में सुबह की शुरुआत पोहे से होती है। इंदौर में करीब 90 फीसदी लोग दिन की शुरुआत पोहा के नाश्ते से करते हैं। इंदौर के रिटेल पोहा विक्रेत बताते हैं कि इंदौर में रोजाना पोहे की 70-80 टन की बिक्री होती है। शहर में आपको 24 घंटे पोहा मिल जाएगा।


पोहे की दीवानगी ऐसी कि कोई भी बड़ी हस्ती इंदौर आती है तो वो यहां पोहे जलेबी का स्वाद लिए बिना नहीं जाती। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और पीएम नरेंद्र मोदी तक इंदौरी पोहे की तारीफ कर चुके हैं।


1950 में कांग्रेस के अधिवेशन में नेहरु इंदौर आए थे तब उन्हें पोहा परोसा गया था। केबीसी यानी कौन बनेगा करोड़पति में भी इंदौरी पोहे पर सवाल आ चुका है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर राहुल गांधी तक सब इंदौरी पोहे का स्वाद ले चुके हैं। क्रिकेटर सुनील गावसकर से लेकर विराट कोहली तक सब ने 56 दुकान पहुंचकर पोहे जलेबी का स्वाद लिया है।


पोहे का यह है इतिहास
इंदौर में पोहे का इतिहास भी हम आपको बताते हैं। पोहा पहले मराठी और मारवाड़ी परिवारों के किचन तक ही सीमित था। ये उनका पारंपरिक व्यंजन माना जाता था। रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के निजामपुर से पुरुषोत्तम जोशी इंदौर आए। उनकी यहां बुआ रहती थीं। उन्हें इंदौर ऐसा भाया कि यहीं के होकर रह गए। उन्होंने ही सबसे पहले इंदौरियों को पोहे का जायका चखाया। तिलकपथ पर उपहार गृह नाम से दुकान खोली। उससे पहले इंदौर में पोहा बेचने वाली कोई दुकान नहीं थी।

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