भौरासा। रविवार को पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। महाराणा प्रताप को वीर पुरुष और मेवाड़ का शेर भी कहा जाता है। वह केवल एक महान योद्धा ही नहीं बल्कि शानदार राजा भी थे। उन्होंने मुगल सम्राट अकबर के खिलाफ हल्दीघाटी की प्रसिद्ध लड़ाई लड़ी, जिसमें उन्होंने साहस, वीरता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। 9 जून को महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई इस खास मौके पर उन्हें साहस, वीरता और अटूट देशभक्ति के लिए याद किया जाता है। वे युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं महाराणा प्रताप की वीरता को स्मरण करने के लिए देशभर में तरह-तरह के आयोजन राजपूत समाज के साथ ही अन्य समाजों ने भी किए इसी अवसर पर भौरासा के राजपूत समाज के गणमान्य नागरिकों एवं युवाओं द्वारा उनकी जयंती मनाई गई इसी कड़ी में भौरासा क्रॉसिंग पर लगी महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर दूध से अभिषेक कर पूजन अर्चन कर माल्या अर्पण किया गया मालाओं के साथ ही आतिशबाजी भी की गई साथ ही महाराणा प्रताप की वीर गाथाओं को भी वक्ताओं ने अपने शब्दों में बखान करने का प्रयास किया इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष संजय जोशी, नगर परिषद उपाध्यक्ष जय सिंह राणा, ठाकुर समाज अध्यक्ष शेखर ठाकुर, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना जिला महामंत्री विजय सिंह ठाकुर,श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना,नगर अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, सहितआदि समाजजन मौजूद रहे।