नीमच। जिले में मेडिकल कॉलेज अभी शुरू भी नहीं हुआ व उसका लाभ जिले की जनता को मिलने लगा है। बुधवार को नीमच जिला अस्पताल में पहली बार फिस्टुला एनो का ऑपरेशन किया गया। इस तरह के ऑपरेशन की सुविधा इंदौर, उदयपुर, वडोदरा जैसे शहरों में उपलब्ध है।
मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डीन ने बताया कि हम जिला अस्पताल को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के सर्जरी एचओडी डॉ. बृजेन्द्र स्वरूप ने बताया कि 40 वर्षीय युवक को मलद्वार के पास 5 वर्षों से दो सुराख थे जो कि समय-समय पर रिसते रहते थे। इससे मरीज को अत्यंत पीड़ा होती थी और दर्द से जीना मुश्किल हो गया था। नीमच में कई प्राइवेट डॉक्टर्स को दिखाने पर सबने उदयपुर, वडोदरा और इंदौर में ऑपरेशन कराने की सलाह दी। युक्क ने जब जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज की टीम से संपर्क किया तब युक्क को डॉ. बृजेन्द्र स्वरूप ने देखा। बीमारी की जटिलता को समझते हुए डीन डॉ. अरविंद्र घनधोरिया को पूरा केस बताया और डीन भी व्यस्तता के बावजूद ऑपरेशन करने को तैयार हुए। बुधवार को डॉक्टरों की टीम ने युवक का सफल ऑपरेशन किया। यह इस तरह का नीमच जिले में पहला ऑपरेशन है। अभी तक यह सुविधा बड़े शहरों में ही उपलब्ध थी।
डॉ. स्वरूप ने बताया कि ऑपरेशन की टीम में डॉ. हेमेंद्र भारद्वाच ने मरीज को स्पाइनल एनेस्थिसिया दिया। वहीं नर्सिंग ऑफिसर कल्पना और सविता ने भी योगदान दिया। एचओडी सर्जरी डॉ. स्वरुप ने बताया कि इस प्रकार का ऑपरेशन सिर्फ बड़े शहरों के अस्पतालों में ही संभव है। प्राइवेट में इसका खर्च डेढ़ से 2 लाख रुपए आता है। अब इस तरह की विशेष सर्जरी भी नीमच जिला अस्पताल में फ्री में होने लगी है।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद्र घनघौरिया ने बताया कि हमारा प्रयास है कि अभी तक जो टीम मिली है उनकी मदद से जिला अस्पताल को एक मजबूत अस्पताल बनाना है। किसी भी तरह के मरीज को उपचार के लिए बाहर निजी व बड़े शहरों में नहीं जाना पड़े। इसके लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। कोई भी मरीज जिला अस्पताल में टीम से संपर्क कर समस्या बता सकता है। समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जल्द और डॉक्टर मिलने वाले हैं उनकी मदद से अन्य सुविधाएं भी प्रारंभ की जाएंगी।