टीकमगढ़। जिले के प्रसिद्ध धजरई हनुमान मंदिर में चल रहे साकेत महोत्सव का गुरुवार को समापन हो गया। समारोह के अंतिम दिन भंडारे का आयोजन हुआ। साथ ही टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के साधु संतों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से धजरई मंदिर के महंत सीताराम दास महाराज को दोनों जिलों के संत समाज का मंडलेश्वर अध्यक्ष चुना गया।
धजरई हनुमान मंदिर में त्यागी महाराज की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में हर साल साकेत महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस बार 9वें साकेत महोत्सव में 6 से 12 जून तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन चला। जिसमें धीर समीर आश्रम वृंदावन के महंत मदन मोहन दास महाराज ने 7 दिन तक कथा सुनाई।
बुधवार रात श्रीकृष्ण सुदामा प्रसंग के साथ कथा का समापन हुआ। आज मंदिर में सुबह से भंडारे का आयोजन शुरू किया गया है। दोपहर 12 टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के साधु संतों की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता निर्माेही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मदन मोहन दास महाराज ने की।
उन्होंने दोनों जिलों के मंडलेश्वर अध्यक्ष पद के लिए महंत सीताराम दास महाराज को अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। सभी साधु संतों ने उनके प्रस्ताव का सर्वसम्मति से समर्थन किया। साथ ही महंत किशोर दास महाराज को सचिव नियुक्त किया गया।
इसके बाद बैठक में मौजूद सभी साधु संतों ने शॉल, श्रीफल और फूल माला पहनाकर महंत सीताराम दास महाराज को अध्यक्ष बनने की बधाई दी। इस मौके पर टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के प्रमुख मंदिरों के साधु संत मौजूद रहे।
प्राचीन मंदिरों की देखरेख का जिम्मा सौंपा
बैठक के दौरान तय किया गया कि दोनों जिलों के प्रमुख मंदिरों में विरक्त संतो को रखा जाएगा। प्राचीन मंदिरों की व्यवस्थाएं बेहतर रूप से संचालित हो, इसके लिए महंत सीतारामदास महाराज को जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने कहा कि मंदिर और मंदिरों की जमीनों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।