चित्तौड़गढ़। 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले तीन नये अधिनियमों के संबंध में जानकारी दी गई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) चित्तौड़गढ़ महेन्द्र सिंह सिसोदिया एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) सुनील कुमार गोयल के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ एवं जिला कारागृह चित्तौड़गढ़ के संयुक्त तत्वाधान में बंदीयों को विधि के प्रावधानों के संबंध में जागरुक करने हेतु शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता एवं चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सावन माली ने बंदियों को 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले तीन नये कानूनों के संबंध में विधिक जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि भारत सरकार ने भारतीय दण्ड संहिता 1860, दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के स्थान पर क्रमशः भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 व भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को भारत के राजपत्र में दिनांक 25.02.2023 को अधिसूचित किया है। उक्त अधिनियमों का प्रभावी क्रियान्वयन 1 जुलाई 2024 से किया जाना सुनिश्चित है। इसके पश्चात् विकास खटीक परिवीक्षा अधिकारी समाज कल्याण विभाग एवं अधिवक्ता सूरजमल टाक ने भी बंदियों को इस विषय पर सरल भाषा में कानूनी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में चिकित्सा विभाग से आए रहमान ने भी अपने विचार प्रकट किये। अन्त में जेलर ओंकार लाल जोशी ने अतिथियों का इस महत्वपूर्ण विषय पर बंदियों को जानकारी देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।