मंदसौर/नाहरगढ़। मंदसौर जिले के नाहरगढ़ और सीतामऊ क्षेत्र में मूंगफली के बीजों की गुणवत्ता को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि महंगे दामों पर खरीदे गए बीजों की बुवाई के बाद भी खेतों में अंकुरण नहीं हुआ, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। मामले में किसानों ने कृषि विभाग को लिखित शिकायत सौंपकर बीजों की जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।
किसानों के अनुसार उन्होंने नाहरगढ़ स्थित पंकज ट्रेडर्स एवं सीतामऊ स्थित महावीर किसान बीज भंडार से मूंगफली के बीज खरीदे थे। आरोप है कि बीजों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं होने के कारण अधिकांश खेतों में अंकुरण नहीं हुआ। इससे किसानों की बुवाई, बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर किया गया पूरा खर्च व्यर्थ हो गया।
इधर, ग्राम चिमनगढ़ निवासी दशरथ सिंह और खेताखेड़ा निवासी दीपक पुरी ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, सीतामऊ को लिखित आवेदन देकर बताया कि उन्होंने खरीफ सीजन-2026 की बुवाई के लिए करीब 13 क्विंटल 50 किलोग्राम मूंगफली बीज 14,500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा था। बुवाई के बाद अपेक्षित अंकुरण नहीं होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।
किसानों ने आवेदन में मांग की है कि खरीदे गए बीजों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाए। यदि बीज दोषपूर्ण पाए जाते हैं तो संबंधित कंपनी एवं विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए।
पीड़ित किसानों का यह भी आरोप है कि जब वे अपनी शिकायत लेकर बीज विक्रेता के पास पहुंचे और नुकसान की भरपाई अथवा राशि वापस करने की मांग की, तो उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इससे किसानों में नाराजगी और बढ़ गई।
किसानों का दावा है कि यह समस्या किसी एक-दो किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के सैकड़ों किसान इससे प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कृषि विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल कृषि विभाग द्वारा शिकायतों के आधार पर जांच प्रक्रिया शुरू किए जाने की प्रतीक्षा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।