शाजापुर। विद्या भारती द्वारा छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न प्रकार के आयोजन वर्ष भर गतिविधियों के माध्यम से किए जाते हैं। इसी तारतम्य में छात्र-छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकास करने के उद्देश्य से छात्र परिषद का गठन किया जाता है, इसी के चलते सरस्वती विद्या मंदिर कालापीपल में छात्र परिषद का गठन किया गया। जिसमें विद्यालय के छात्र छात्राओं को विभिन्न दायित्व सौंपे गए। छात्र परिषद में छात्र छात्राओं की आयु वर्ग के अनुसार चार इकाइयों का गठन किया गया है। जिनमें तरुण भारती, कन्या भारती, बाल भारती व शिशु भारती का गठन किया गया है। सभी दायित्ववान छात्र-छात्राओं का शपथ विधि समारोह विद्यालय में आयोजित किया गया। आयोजित शपथ विधि समारोह में मुख्य अतिथि अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पी.एस बघेल, अध्यक्षता कमल सिंह परमार द्वारा की गई। वहीं विशेष अतिथि व्यवस्थापक गोवर्धन सिंह पाटीदार व प्राचार्य प्रवीण देशपांडे रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, प्रणवाक्षर ओम व भारत माता की पूजन अर्चन के साथ किया गया।
तरुण भारती, कन्या भारती, बाल भारती व शिशु भारती के पदाधिकारियों को एसडीओपी पी.एस. बघेल द्वारा द्वारा पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस दौरान सभी विद्यार्थियों को मंचस्थ अतिथियों द्वारा बैज लगाकर व दुपट्टा डालकर सम्मानित किया गया। तरुण भारती अध्यक्ष नीरज विश्वकर्मा, कन्या भारती अध्यक्ष सलोनी मीना, बाल भारती अध्यक्ष आराध्या राजपूत व शिशु भारती अध्यक्ष कनक मेवाड़ा का मनोनयन किया गया है। साथ ही सभी इकाइयों में उपाध्यक्ष, सेनापति, सह सेनापति, सचिव सहसचिव, अनुशासन प्रमुख, उत्सव प्रमुख, क्रीड़ा प्रमुख व स्वच्छता प्रमुख के दायित्व पर भैया-बहनों को मनोनीत किया गया हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीओपी पी.एस. बघेल ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और संस्कार का पाठ भी पढ़ाया जाता है, वास्तव में अनुशासन और संस्कार जिसके जीवन में होते हैं वही आगे बढ़ता है। आज जो आपको दायित्व सौंपें गए हैं, उससे निश्चित तौर पर नेतृत्व क्षमता का विकास होगा।
इस दौरान उप निरीक्षक रवि भंडारी, उपनिरीक्षक तेज प्रकाश बोहरे, अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के प्रधानाचार्य सुभाष काले सहित अभिभावक गण मौजूद रहे। आयोजित कार्यक्रम की भूमिका तरुण भारती संयोजक मनोहर सिंह परमार ने रखी। अतिथि परिचय कन्या भारती संयोजिका अर्चना शर्मा ने करवाया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य अनिल शर्मा ने व आभार प्राचार्य प्रवीण देशपांडे ने माना।