ग्वालियर। राजस्थान के डिप्टी सीएम को लेकर राज्य के मुख्य सचिव आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल पर उनका अपमान करने का आरोप सोशल मीडिया ट्रेंड से लेकर सियासत में खूब चर्चाओं मे है. राजस्थान से उठी विरोध की सियासत अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है. राजस्थान और एमपी सहित देश भर मे मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल के प्रति ओबीसी दलित समाज अपनी नाराजगी दर्ज करा रहा है साथ ही उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहा है ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गयी है।
डिप्टी सीएम के कुर्सी पर बैठ गए आईएएस अधिकारी
देश में इन दिनों जातिगत राजनीति खूब हो रही है। राजस्थान के डिप्टी सीएम बैरवा के साथ राज्य के मुख्य सचिव आईएएस ऑफिसर पर अपमान का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा इसका विरोध देखने मिल रहा है। बता दें कि दलित समाज से आने वाले डॉ. प्रेम चंद बैरवा राजस्थान के डिप्टी सीएम हैं। हाल ही में एक भोज कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम बैरवा की चिन्हित कुर्सी पर मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल जाकर बैठ गए. यह कुर्सी ठीक सीएम के पास की थी।
डिप्टी सीएम के अपमान का आरोप
जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर आया, वैसे ही ही यह मामला राजनातिक सियासत का शिकार बन गया। आरोप लगने लगा है कि मुख्य सचिव ने जानबूझकर डिप्टी सीएम का अपमान करने उनकी कुर्सी पर कब्जा जमा लिया, जिसे एक दलित डिप्टी सीएम का बड़ा अपमान बताया जा रहा है. ऐसे में जातिगत राजनीति का यह मुद्दा एमपी तक पहुंचा है।
दलित समाज का अपमान
ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपेश यादव ने इसे दलित समाज का अपमान बताया है. रूपेश ने कहा है यह मामला राजस्थान और मध्य प्रदेश के साथ ही देशभर का एक गंभीर मामला है। राजस्थान में दलित समाज से आने वाले बैरवा जी को डिप्टी सीएम तो बना दिया गया, लेकिन जातिवादी अधिकारी की मानसिकता ने पूरे दलित समाज का अपमान किया है. राजस्थान के मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल डिप्टी सीएम की कुर्सी पर जा बैठे. आज देश के अंदर बैठे ऐसे अधिकारी समानता का अधिकार दलित ओबीसी समाज को देना नहीं चाहते हैं, इसलिए इस कृत्य की घोर निंदा की जाती है। साथ ही राजस्थान सरकार से मांग की जाती है कि जो भी इस मानसिकता के अधिकारी हैं, उन्हें पद मुक्त किया जाए. ऐसा न होने पर ओबीसी महासभा मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में आंदोलन करने मजबूर होगी।
गौरतलब है कि पूर्व में भी एक बार मुख्य सचिव अग्रवाल पर डिप्टी सीएम प्रेमचंद्र बैरवा के जूतों का मजाक बनाने का भी आरोप है. फिलहाल ओबीसी दलित समाज में इस घटना को लेकर बड़ा आक्रोश है और मुख्य सचिव आईएएस शिखर अग्रवाल को हटाने की मांग होने लगी है।