नीमच। 14 सितंबर हिन्दी दिवस पर देश, प्रदेश एवं मालवांचल की पत्रकारिता में हिंदी के सशक्त हस्ताक्षर आदरणीय राजेंद्र माथुर, राहुल बारपुते, रमेश अग्रवाल, प्रफुल्ल महेश्वरी, प्रभाष जोशी, दिनेश अवस्थी, ठाकुर शिव प्रताप सिंह, कमल दीक्षित, रत्नेश कुसुमाकर, जीवन साहू, सुरेश राठौर, मोहन राठौर (सभी इंदौर), प्रकाश उपाध्याय, आनंद सिंह छाजेड़, रवींद्रनाथ भट्ट, मोतीलाल शर्मा, दीपेंद्र भट्ट, सुशील नाहर, सुरेश पण्डया, रमेश राठौर व रमेश ललवानी (सभी रतलाम) पूर्व सांसद व पत्रकार डॉ लक्ष्मी नारायण पांडेय, मगन दास वैष्णव, नगीन लाल खारीवाल, चंद्रशेखर भट्ट, ब्रजमोहन जोशी, भीकमचंद आजाद, मांगीलाल मेहता, रामरतन धाकड़, रमेश धारीवाल व प्रकाश छाजेड़ एवं सौभागमल जैन करूण मंदसौर के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूं कि हम सब सकारात्मक सोच के साथ समाज, प्रदेश एवं देश को अपनी लेखनी के माध्यम से हर पीड़ित शोषित एवं बे- सहारा की आवाज बन सके। अंत में एक निवेदन- भला किसी का कर ना सको, तो बुरा किसी का मत करना। फूल नहीं बन सकते तो कांटे बनकर मत रहना।