गांधीनगर। नानू नवकार भवन में चातुर्मासिक प्रवचन करते हुए शांतक्रांति संघ की विदूषी महासती शीलप्रभा ने कहा कि ज्ञानियों के अनुसार ष्किसी की कमज़ोरी, गुप्त बात अथवा राज की बातष् किसी दूसरे व्यक्ति के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए। किसी ने आपके उपर विश्वास एवम् भरोसा करके अपनी कोई गुप्त या राज की बात आपको बताई है तो उस रहस्य को किसी दूसरे के सामने उजागर नहीं करना चाहिए बल्कि उसके सामने कोई उलझन है तो उसका समाधान ढूंढने में उसकी हर संभव सहायता करते हुए उसे चिंता मुक्त करने हेतु आश्वस्त करना चाहिए। आज़ कल कई ऐसे प्रसंग देखने को मिलते हैं कि किसी की गुप्त अथवा राज की बात जान कर उसको बदनाम करने की धमकी दी जाती है और गलत तरीके से ब्लैकमेल करने की कोशिश की जाती है जिसकी वजह से कई बार दिल दहलाने वाले अप्रिय प्रसंग भी उपस्थित हो जाते हैं जो मानवता के विरुद्ध होकर किसी भी तरह से उचित नहीं है। इससे पूर्व साध्वी सत्यप्रभा ने उत्तराध्ययन सूत्र के 19 वे अध्ययन के माध्यम से बताया कि संसार के सभी विषय भोग दुर्गतियों में भटकाने वाले हैं अतः हमें भी मृगापुत्र की तरह संयम स्वीकार करने का पुरुषार्थ करके अपनी आत्मा का उद्धार करने की दिशा में अग्रसर होना चाहिए। धर्म सभा में रायपुर छत्तीसगढ़ निवासी नन्हें बालक प्रवेश एवम् प्रतीक श्रीश्रीमाल ने बहुत ही सारगर्भित एवम् वैराग्य भावों से ओतप्रोत गीतिका प्रस्तुत की जिसकी धर्म सभा ने खूब खूब अनुमोदना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य हेतु मंगल कामनाएं की। साध्वी रत्ना राजश्री जी म सा ने यामिनी बोहरा को तेला तप एवम् अन्य प्रत्याख्यान कराने के बाद मंगल पाठ सुनाया। संचालन संघ मंत्री इंद्रेश कोठारी ने किया।