नीमच। शहर में शनिवार दोपहर को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने बंटवारे की रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के एवज में 18 हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले पटवारी और चौकीदार को 3-3 साल की सजा और 10-10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
निलेश सुथार ने करीब 6 वर्ष पहले लोकायुक्त पुलिस कार्यालय, उज्जैन में एक शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि उसके और उसके भाई अनिल सुथार के ससुर की भूमि ग्राम जाट पटवारी हल्का नंबर 28 टप्पा रतनगढ़, तहसील सिंगोली, जिला नीमच में स्थित हैं। इस भूमि के बंटवारे के लिए तहसील कार्यालय, रतनगढ़ में आवेदन किया था।
इस संबंध में पटवारी हल्का नंबर 28 सुभाष सिंह चौहान को रिपोर्ट प्रस्तुत करना थी। इस एवज में पटवारी ने 18 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। इस पर लोकायुक्त पुलिस टीम ने 28 जनवरी 2019 को आरोपी पटवारी सुभाष सिंह चौहान और चौकीदार नूर खां को जाट गांव में एक व्यक्ति के घर पर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
मामले में टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 सहपठित धारा 120(बी) भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत दर्ज किया गया था। इस पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को शनिवार को सजा सुनाई हैं।