भोपाल। मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा सीट में उपचुनाव हारने के बाद वन मंत्री रामनिवास रावत ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं करते हुए सरकार ने उसे होल्ड पर रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश दौरे से लौटने के बाद इस्तीफे पर निर्णय लिया जाएगा।
इससे पहले रामनिवास रावत के पास मौजूद वन एवं पर्यावरण विभाग पर कई मंत्री और विधायकों की नजर है। उन्होंने सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू कर दी है। हालांकि अभीजनवरी के पहले हफ्ते तक रावत मंत्री बने रह सकते हैं।
वैसे तो कानूनी रूप से रामनिवास रावत को शपथ के छह महीने के भीतर चुनाव जीतकर आना था। इस अवधि के पहले चुनाव हुए और वह हार गए। फिर भी अभी 6 महीने की अवधि पूरी होनी बाकी है। इसके पूरे होने तक उनके इस्तीफे के बावजूद भी सरकार चाहे तो उन्हें मंत्री रख सकती है। हालांकि उनके स्थान पर अब किसे मंत्री बनाया जाएगा यह देखना दिलचस्प होगा, क्योंकि कतार में कई दिग्गज खड़े है।