भोपाल। मजदूरों को 26000 रुपए महीना न्यूनतम वेतन, किसानों को फसलों का उचित मूल्य देने सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को श्रमिक और किसानों ने भोपाल में रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। श्रमिक और किसान कोहेफिजा आरओबी से कलेक्टोरेट तक रैली लेकर पहुंचे व ज्ञापन दिया। संयुक्त किसान मोर्चा और संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच के आव्हान पर किए गए प्रदर्शन में समस्त ट्रेड यूनियन (सीटू, इंटक,एचएमएस, एटक) के श्रमिक शामिल हैं।
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के भेल भोपाल के महामंत्री दीपक गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत संपूर्ण देश के साथ मध्य प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, रैली कर धरना दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी ट्रेड यूनियन, मध्य प्रदेश किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन मप्र और मध्य प्रदेश आदिवासी एकता महासभा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। भोपाल में रैली निकालकर इंटक से अशोक शर्मा, भेल सीटू के महामंत्री दीपक गुप्ता, लोकेंद्र शेखावत, डमरू पिंग सीटू यूनियन से महासचिव प्रमोद प्रधान और पूषण भट्टाचार्य ने कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।
श्रमिक और किसानों की मांगें ...
सभी फसलों के लिए लाभकारी दाम।
प्रत्येक बेरोजगार को रोजगार की गारंटी का कानून।
महंगाई पर रोक लगाई जाए।
न्यूनतम मासिक वेतन 26000 रुपए करें।
समान काम-समान वेतन व्यवस्था लागू हो।
सभी ठेका एवं फिक्सटर्म मजदूरों को स्थाई रोजगार दें।
मनरेगा के तहत एक साल में 200 दिन रोजगार की गारंटी एवं 600 रुपए प्रतिदिन मजदूरी।
खेत मजदूरों के लिए सर्वसमावेशी कानून बनाएं।
वनाधिकार कानून को सख्ती से लागू किया जाए।
वन एवं राजस्व भूमि पर काबिज लोगों को पट्टे दें।
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण न हो।
मप्र में न्यूनतम वेतन का महाघोटाला रोको।
वर्ष 2019 से बढ़ी दरों का एरियर सहित भुगतान करो।
वर्ष 2024 में देय न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण शीघ्र करो।
आंगनबाड़ी, आशा-ऊषा, मध्याह्न भोजन कर्मी सहित सभी योजना कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करें।