नीमच। ए ग्रेड पी.एम. कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस नीमच में संविधान दिवस पर हुआ भव्य और गरिमामय आयोजन। समारोह में मुख्य अतिथि नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने सभी को संविधान की प्रस्तावना और उद्देश्यिका का वाचन करवाते हुए अपने संबोधन में बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया और कहा कि शासन के तीन अंग विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हमारे संविधान की महत्वपूर्ण विशेषता में से एक है।
भारत की सभ्यता और इतिहास अत्यंत प्राचीन है। हमारा गणतंत्र और संविधान हजारों साल पुराना है। त्रेता युग में भगवान राम का शासन जो राम राज्य के नाम से सबसे आदर्श, सर्वाेच्च और सबसे सुंदर सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था व प्रशासन माना जाता है वह भारत की ही देन है। हमारे यहां के गांवों में पंच परमेश्वर पर आधारित न्याय व्यवस्था थी। भारत लोकतन्त्र की जननी है। वसुधैव कुटुम्बकम और सर्वे भवन्तु सुखिन पर आधारित हमारा गौरवशाली संविधान हजोरों साल पुराना है। फ्रांस के विद्वान रोमा रोला ने भारत की इस शानदार गणतांत्रिक व्यवस्था के बारे में कहा था किइस धरती पर यदि मानव के सारे सपनों को आदिकाल से कहीं आश्रय मिला तो वह धरती है भारत की। प्रो.जोशी भारत के संविधान निर्माण की सामाजिक राजनीतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समानता, आर्थिक, लोकतान्त्रिक समाजवाद, स्वतंत्रता और समानता से संबंधित सामान्य सिध्दांतों का संविधान में क्रियान्वयन से संबंधित नीतिगत तत्वों पर भी प्रकाश डाला। संविधान दिवस पर संविधान के शिल्पकार डॉ.अबेडकर के महान योगदान से सदन को अवगत कराते हुए उक्त उद्गार मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर संजय जोशी ने व्यक्त किए।
महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा संविधान दिवस पर आयोजित समारोह के विशिष्ट अतिथि जनभागीदारी अध्यक्ष श्री विश्वदेव शर्मा थे। उन्होंने संविधान में हमारे कर्तव्य क्या हैं और अधिकार क्या है पर अवगत करवाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ.के.एल.जाट ने करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया और संविधान और लोकतंत्र के महत्व से अवगुण कराया। मंच पर एबीवीपी के नगर मंत्री अमन बैरागी, परिसर मंत्री नितेश गुर्जर कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर आर .सी.वर्मा आदि मंचासीन थे। इस अवसर पर महाविद्यालय स्टॉफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। संचालन डॉ.जे.सी.आर्य व आभार डॉ.नवीन सक्सेना ने किया।