शाजापुर। बाबा साहब के अनुयायियों ने परिनिर्वान दिवस मनाया और महामानव को श्रद्धांजलि दी। 6 दिसंबर 1956 को बाबा साहब ने अपने प्राण त्याग किए थे, जो हमारे देश के लिए एक बड़ा दुखद पल था।
शाजापुर में बाबा साहब के अनुयायियों ने महूपूरा चोराहे से यात्रा शुरू कर शहर के मुख्य मार्गाे से हो कर अंबेडकर पार्क पहुंचे और परिनिर्वान दिवस मनाया। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहब और संविधान को याद किया और संविधान पर चलने की शपथ ली।
बाबा साहब का जीवन और उनके योगदान को याद करना बहुत ही महत्वपूर्ण है। वह एक महान नेता, समाज सुधारक, और संविधान निर्माता थे। उन्होंने दलितों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और उन्हें समाज में सम्मान और समानता दिलाने के लिए काम किया। बाबा साहब के अनुयायियों ने उनकी विचारधारा और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए काम किया है। वह एक प्रेरणा के स्रोत हैं और उनके जीवन और कार्यों से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है बाबा साहब के आदर्शों और विचारधारा को याद करना चाहिए और उनके सपनों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए। हमें समाज में समानता, न्याय, और मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए काम करना चाहिए।