ग्वालियर। मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ग्वालियर स्थित प्रदेश की आदर्श गौशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। मंत्री पटेल ने लाल टिपारा गौशाला में सबसे पहले गोपूजन किया और गुड़,पालक से गौ माता को भोग लगाया। इसके साथ ही प्रहलाद पटेल ने गो ग्रास से बने पारंपरिक शैली के सोफे पर बैठकर गौशाला का संचालन करने वाले संत ऋषभ देवआनंद जी का सम्मान भी किया। इस दौरान मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ मंत्री राकेश शुक्ला भी मौजूद रहे। दोनों ने ही गौशाला के अलग-अलग सेक्टर में जाकर गायों की देखभाल के साथ ही उनको खिलाये जा रहे चारा भूसा सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
मंत्री प्रहलाद पटेल का कहना है कि गाय पर चर्चा बहुत होती है, लेकिन गायों की सेवा और उनसे जुड़ा काम कैसे किया जाता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण लाल टिपारा गौशाला ने प्रदेश भर में पेश किया है। गौ माता हमेशा समाज को देती ही है खासकर संकट के समय की बात हो तो कई ऐसी बीमारियां हैं जिनका इलाज गाय के गोबर और गोमूत्र से आज किया जा रहा है। यह भावनाओं की कही हुई नहीं बल्कि साइंटिफिक बात है। यदि जमीन बंजर हो जाए तो विज्ञान के पास उसे ठीक करने का कोई समाधान नहीं है। लेकिन उसे फिर से खेती योग्य बनाना है तो वह गाय के गोबर में ही है। अभी तक इन बातों का रूढ़ियों के माध्यम से मजाक बनाया जाता रहा है, हमें रूढ़िवादी कहा जाता रहा है। हम गाय के दूध को अमृत तुल्य कहते थे तो हम रूढ़िवादी कहे जाते थे। लेकिन आज डॉक्टर खुद कह रहे हैं कि देशी गाय का दूध बच्चों को देना चाहिए हमारे पुरखे जो हमें देकर गए थे हमने उसकी कीमत नहीं की। लेकिन कुछ लोगों ने अपनी समस्या से इसे साबित करके दिखाया है ग्वालियर की आदर्श लाल टिपारा गौशाला इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने प्रदेश के उन बड़े मंदिरों की जमीन जो 50 बीघा से अधिक है, ऐसी जमीनों का उपयोग गौशालय के लिए किया जाएगा,सरकार के इस कदम पर अभी तक क्या हो रहा है? इस पर उन्होंने कहा कि अंचल की रानी घाटी में ही ऐसी ही जमीन का उपयोग गौशाला के लिए किया गया है और आगे इस तरह के कदम और भी उठाए जाएंगे।