नयागांव। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल, खोर में आनंदमयी साध्य बेला पर वार्षिकोत्सव मनाया गया इस अवसर पर कई कार्यक्रम जिसमें अनेकानेक विषयों से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनी और वार्षिकोत्सव 23एवं 24दिसंबर 2024 उल्लासपूर्वक मनाया गया। सर्वप्रथम स्कूली छात्र-छात्राओं और प्राचार्या प्रियदर्शिनी चौहान ने मुख्यातिथि आभास मिश्रा (जॉइंट प्रेसिडेंट एवं यूनिट हेड-विक्रम सीमेंट वर्क्स, चेयरमेन ऑफ ए. बी. पी. एस.) और ममता मिश्रा, (अध्यक्षा, राजश्री महिला मंडल) का मुख्य द्वार पर स्वागत किया गया। उनके साथ भूपेंद्र सिंह, (एफ. एच. एच. आर, मैनेजर ए. बी. पी. एस.) विमल सोनी, (एफ. एच. फाइनेंस एंड कॉमर्शियल) सुभाष निगम, (एफ. एच. माइंस) और श्री शिव संतरा (हेड सी. एस. आर. यू, टी. सी. एल.) भी उपस्थित रहे। मुख्यातिथि एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर अभिव्यक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर छात्रों की कला प्रस्तुति की छटा से मोहित मुख्यातिथि महोदय ने छात्रों के प्रयासों की प्रशंसा की और आमंत्रित अभिभावक भी बच्चों द्वारा बनाए मॉडल देखकर आनंदित हुए।
तत्पश्चात प्राचार्या द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। साहित्यिक सचिव आशी गर्ग ने सभी आगंतुकों को सुरक्षा-व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा और पेय जल की सम्यक् जानकारी दी। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं के रंगारंग कार्यक्रम की मनोरम प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। आदित्य वंदना में आकाश के सबसे सशक्त और सृष्टि के कर्ता सूर्य के प्रताप तथा उनके प्राणदायी स्वरूप को बड़े ही स्वाभाविक रूप से दर्शाया गया। अनेकानेक वाद्य यंत्रों के साथ स्वागत गान की मनोरम प्रस्तुति दी गई। अंग्रेजी नाटक एलिस इन वंडरलैंड में मानव के छोटे से बड़े होने में प्रकृति के प्रेम और सहयोग भाव द्वारा हम सभी से उससे प्रेम करने और उसके संरक्षण की अपेक्षा की गई और दूसरे अंग्रेजी नाटक में सोशल मीडिया के घातक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए सबको इसके प्रति आगाह किया गया। तत्पश्चात भक्ति से सराबोर आदि देव शिव की महिमा, शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा के दयालु स्वभाव, लीलाधर श्रीकृष्ण के जगत तारण रूप और जगन्नाथ जी की भक्तों पर असीम कृपा पर प्रकाश डालते हुए उनकी रथयात्रा की अनोखी झाँकी निकाली गई जिसमें समग्र पांडाल भक्ति और आनंद की सरिता में गोते लगाता दृष्टिगत हुआ साथ ही अपनी भारतीय संस्कृति के औदात्य भाव के संरक्षण की प्रेरणा भी मिली।
सुंदर, सजीव और मनोरम प्रस्तुतियों के पश्चात मुख्य अतिथि महोदय ने समग्र कार्यक्रमों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए परिश्रम, सुरक्षा, स्वच्छता और सहयोग के साथ आगे बढ़ने की अपील की। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु प्रौद्योगिकी, लक्ष्य निर्धारण आदि क्षेत्रों में भी अपना समग्र योगदान देने की बात कही। उपस्थित जन समूह ने बड़ी शांति और मनोयोग से उनकी बातों को आत्मसात किया और छात्रों की प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
पुरस्कार वितरण के पश्चात सांस्कृतिक सचिव के रूप में विद्यालय की छात्रा सना शर्मा ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया। प्राचार्या प्रियदर्शिनी चौहान के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम का समापन हुआ।