शाजापुर। कलेक्टर ऋजु बाफना की अध्यक्षता में आज अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की वर्ष 2024 के चतुर्थ त्रैमास की बैठक संपन्न हुई। बैठक में 01 जनवरी 2024 से 25 दिसम्बर 2024 तक योजना में प्राप्त प्रकरणों पर समीक्षा की गई।
बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के अजाक शाजापुर से प्राप्त 208 एवं अन्य जिलों से प्राप्त 41 तथा न्यायालय निर्णय उपरांत प्राप्त 02 इस प्रकार कुल 251 प्रकरण तथा जनजातीय वर्ग के अजाक शाजापुर से प्राप्त 15 प्रकरणो पर की गई कार्यवाही पर चर्चा की गई।
कलेक्टर बाफना ने जिले के थानों से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रकरणों में चालान पेश करने संबंधी सूची तैयार करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि राहत प्रकरणों में कोई भी प्रकरण मुआवजा राशि के लंबित न हो। उन्होंने सभी समिति सदस्यों से कहा कि यदि जाति प्रमाण पत्र बनने में कहीं समस्या आये तो इसकी जानकारी संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को दें।
कलेक्टर बाफना ने जिले में सर्वाधिक अपराध शुजालपुर थाने में पाये जाने से अशासकीय सदस्य एवं शासकीय सदस्य, जनअभियान परिषद आदि के आपसी समन्वय से चेतना शिविर/सदभावना शिविर आयोजित कर व्यक्तियों को जागरूक करें, जिससे दर्ज होने वाले प्रकरणो में कमी लाई जा सके। साथ ही उन्होंने चेतना शिविर में अंतरजातीय विवाह योजना अंतर्गत दी जाने वाली राहत राशि के संबंध में जानकारी देने के लिए कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि अंतरजातीय विवाह के पात्र हितग्राहियों को योजना अंतर्गत लाभ प्रदान करें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत, जिला पंचायत अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी एच.एल. वर्मा, जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग मीना मण्डलोई, अभियोजन अधिकारी गोयल, पेंशन संघ अध्यक्ष राजेन्द्र रिणवा, अजाक्स अध्यक्ष बद्रीलाल गुवाटिया एवं अशासकीय सदस्य रायसिंह मालवीय ग्राम जसवाडा, जीवन भिलाला ग्राम टुकराना, चंदरसिंह पाटोदिया खेडी मंडलखा, सुरेश मालवीय शुजालपुर एवं केदारसिंह अस्ताया कालापीपल उपस्थित थे।