नीमच। सूदखोर से परेशान होकर नीमच की एकता कॉलोनी के निवासी इरशाद पिता अब्दुल सत्तार ने आज सल्फास गटक ली। इरशाद को गंभीर और स्थिति में जिला अस्पताल लाया गया है। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद 38 वर्षीय इरशाद को रेफर किया जा रहा है।

परिवारजनों ने बताया कि इरशाद ने अपनी पत्नी की तबीयत खराब होने पर उपचार के लिए इमरान और नेहा नामक व्यक्ति से तीस हजार रुपए उधार लिए थे। इमरान तीस हजार रुपए पर प्रति सप्ताह इरशाद से तीन हजार रुपए चुंगी ब्याज लेता था। परिवार जनों ने बताया कि अभी तक इरशाद से इमरान ने तीन लाख रुपए वसूल लिए थे। बावजूद इसके इमरान लगातार रूपयों की डिमांड करता रहता था। दबाव बनाकर धमकी देता रहता था। इरशाद हम्माली का काम करता है। इरशाद के भाई ने बताया कि इमरान द्वारा की जा रही चुंगी ब्याज की वसूली के खिलाफ पुलिस विभाग में भी शिकायत की गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। इरशाद की पत्नी शाईना ने बताया कि तंगहाली और ब्याज से परेशान होकर मैं अपने बच्चों को स्कूल भी नहीं भेज पा रही हूं। आज फिर इमरान और नेहा ने इरशाद और उसके परिवार वालों को धमकी दी। यह लोग कहते थे कि घर बेच, मकान बेच, जहर खा लेकिन पैसा दे।
इरशाद के भाई ने बताया कि आज इमरान ने लड़की को उठा लेने की धमकी दे डाली। इसके बाद इरशाद ने डर और घबराकर सल्फास खा लिया। बड़ी संख्या में परिजन और कॉलोनीवासी जिला चिकित्सालय पहुंच गए। इरशाद की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अन्यत्र ईलाज के लिए रेफर किया जा रहा है। इस घटना से साफ ज़ाहिर है कि ब्याज खोर अपने स्वार्थ के लिए किस तरह गरीबों का शोषण कर रहे हैं।
