नीमच। कृति, साहित्यिक सामाजिक सांस्कृतिक संस्था नीमच द्वारा देश के महान अर्थशास्त्री और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय डॉ मनमोहन सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कृति परिवार के प्रकाश भट्ट, किशोर जवेरिया, घनश्याम सिंह अंब, शरद पाटीदार महेंद्र त्रिवेदी और इंजीनियर बाबूलाल गौड़ उपस्थित रहे।
कृति संस्था के अध्यक्ष गौड़ ने बताया कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता महान अर्थशास्त्री, डॉ.मनमोहन सिंह ने भारत की जनता को मनरेगा, शिक्षा का अधिकार(RTE), स्वास्थ्य का अधिकार(RTH), सूचना का अधिकार(RTI), भोजन का अधिकार(खाद्य सुरक्षा योजना) देने वाले एक अभूतपूर्व व्यक्तित्व थे, सिंह भारत को 1993 में क्रांतिकारी बजट दिया जिससे भारत में औद्योगिक क्रांति आई। सिंह की आर्थिक नीतियों ने 2008 में विश्वभर में आई आर्थिक मंदी से भारत को अछूता रखा एवं अमेरिका से परमाणु डील कर भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया।
डॉ.मनमोहन सिंह वह व्यक्तित्व थे जिन्होंने भारत के बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आकर शिक्षा ग्रहण की, अपनी कुशाग्र बुद्धि के बल पर ऑक्सफोर्ड एवं कैंब्रिज विश्वविद्यालय में अध्ययन कर अर्थशास्त्र में पीएचडी की। संयुक्त राष्ट्र संघ, नीति आयोग, वित्त विभाग में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी एवं RBI के गवर्नर के रूप में देश की आर्थिक नीतियों को एक नई दिशा दी। उन्हीं की आर्थिक नीतियों का परिणाम है कि भारत का मध्यम वर्ग आज सुखद, सर्वसुविधा युक्त एवं आरामदायक जीवन व्यतीत कर पा रहा है।
इस अवसर पर कृति के वरिष्ठ किशोर जवेरिया, प्रकाश भट्ट घनश्याम सिंह अंब ने भी अपने विचार व्यक्त किए ,उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि उनके जैसा महान अर्थशास्त्री कभी-कभी ही पैदा होता है।
डॉ.मनमोहन सिंह ने देश के मीडिया द्वारा उनके प्रति दिखाई जा रही अनर्गल खबरों, विपक्ष के बेतुके बयानों पर दुख प्रकट करते हुए एक बार संसद में कहा था कि इतिहास उनके प्रति सहानुभूति रखेगा "लेकिन डॉ मनमोहन सिंह के सामने आज इतिहास के साथ साथ वर्तमान मीडिया, विपक्ष के सभी दिग्गज नेता और दुनिया भर के सभी अर्थशास्त्री,नतमस्तक होकर उनकी महानता का गुणगान कर रहे है। एक बार पुनः भारत के महान सपूत डॉ. मनमोहन सिंह को नमन।