छतरपुर। राधेपुर तहसील में एक किसान ने पूर्व सरपंच पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। किसान मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर शिकायत आवेदन दिया। किसान ने बताया कि उसने 2001 में जमीन खरीदी थी। जिसपर गांव के पूर्व सरपंच ने आपत्ति लगा दी। कोर्ट ने पूर्व सरपंच का आवेदन खारिज कर दिया था, तब भी तहसीलदार और पटवारी ने कोर्ट आदेश नहीं माना और पूर्व सरपंच के नाम जमीन दर्ज कर दी है।
नायब तहसीलदार और पटवारी पर लगाया आरोप
जानकारी के अनुसार रवि यादव पिता मुरली यादव निवासी राधेपुर तहसील का रहने वाला है। वह खेती का काम करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उसने बरकौहा में 20 सितंबर 2001 को जमीन खरीदी थी। जिसके कुछ समय बाद उसके पिता मुरली की मौत हो गई। इसके बाद गांव के पर्व सरपंच रामचरन यादव ने राजस्व अधिकारियों से मिलकर जमीन अपने नाम करवा ली है। जबकि रामचरन यादव के आवेदन को न्यायालय ने खारिज कर दिया था। उसके बाद भी नायब तहसीलदार संध्या अग्रवाल और पटवारी रामअवतार अहिरवार ने सरपंच के नाम जमीन दर्ज कर दी है।
शिकायतकर्ता रवि यादव ने बताया कि हमारी जमीन का केस न्यायालय में चल रहा था, न्यायालय से केस जीत गया था उसके बाद भी तहसीलदार और पटवारी ने खारिज हुए आदेश पर पूर्व सरपंच के नाम जमीन दर्ज कर दी है।
नायब तहसीलदार संध्या अग्रवाल का भी पक्ष जानना चाहा, लेकिन किन उनका फोन बंद होने के कारण बात नहीं हुई।