नीमच। प्रकरण का निर्णय पत्र प्राप्ति के एक माह में मेरे पक्ष में करवाने का कष्ट करें या मुझ प्रार्थी को इच्छा मृत्यु का आदेश देने की कृपा करें। मेरे प्रकरण के लिए देश की भ्रष्ट व्यवस्था और देरी से मिलने वाली न्याय व्यवस्था जवाबदार है। यह आवेदन नीमच निवासी बालचंद वर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम लिखा है। नीमच कलेक्टर कार्यालय पर आज दिए गए पत्र में बालचंद वर्मा द्वारा कहा गया है कि मैं मध्य प्रदेश शासन ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विद्युत निरीक्षालय में सहायक यंत्री एवं सहायक विद्युत निरीक्षक के पद पर कार्यरत था। प्रार्थी जुलाई 2011 में विभागीय परीक्षा में सम्मिलित हुआ। प्रश्न पत्र स्विचगीयर एंड प्रोटक्शन विषय का था। किंतु विभाग के एक अधिकारी ने व्यक्तिगत दुर्भावनावश परीक्षा में मुझे जानबूझकर कम नंबर दिए। जिसके कारण में अनुत्तीर्ण हो गया। बालचंद वर्मा ने पत्र में कहा है कि जिस कारण मुझे बहुत बड़ी आर्थिक हानि हुई। बालचंद वर्मा ने लिखा है कि जांच अधिकारी द्वारा जातिगत द्वेष भावना और मेरे द्वारा विभागीय संघ के चुनाव करवाए जाने के संबंध में जो पत्र लिखा गया था इस कारण मुझे अनुत्तीर्ण कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक जिला नीमच और थाना अजाक जिला नीमच में भी मेरे द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाई गई किंतु मेरे प्रकरण पर किसी प्रकार की उचित कार्रवाई पुलिस विभाग द्वारा नहीं की गई। मेरे द्वारा पुनः मूल्यांकन करवाने का अनुरोध भी किया गया था। मैंने भारत के प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए पत्र लिखें। बालचंद वर्मा द्वारा पत्र में अनुत्तीर्ण करने के तीन कारणों का हवाला भी दिया है।