चित्तौड़गढ़। सनातन संस्कृति के अति प्राचीनतम पावन स्थल श्री काल भैरव जी (काला बावजी मंदिर) पॉलिटेक्निक कॉलेज के निकट, बोजुंदा, चितौड़गढ़ में सनातन संस्कृति से ओतप्रोत ष्अभिनंदन 2025 आयोजनष् के तहत संगीतमय नानी बाई का मायरा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शुभारंभ वेला में यहां सूरजकुंड के स्वामी अवधेश चौतन्य ब्रह्मचारी सहित संतो के आगमन ने आयोजन को द्विगुणित कर दिया। संतों का आत्मीय अभिनंदन किया गया जबकि संतों ने श्रध्दा पूर्वक मंदिर पर पूजा अर्चना की।
तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कार्यक्रम का शुभारंभ सूरजकुंड के स्वामी अवधेश चौतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज के आतिथ्य में विनोदचंद्र यति गुरुजी व विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ। स्वामी अवधेश चौतन्य ब्रह्मचारी महाराज के आगमन पर सैकड़ो की संख्या में भक्तों ने मुख्य पुजारी बाबूलाल बेरवा की अगवाई में ढोल बाजे बाजे के साथ अभिनंदन किया। स्वामी जी व संतों ने काल भैरव जी महाराज एवं मां कालीका, अम्बे मां के दर्शन किये। स्वामी जी का श्री काल भैरव भक्तों सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य जनों व कई श्रद्धालुओं ने भाव भीना स्वागत किया। बालिकाओं ने पुष्प वर्षा कर मंगल आरती की। स्वामी जी लगभग 2 घंटे काल भैरव जी मंदिर पर प्रवास के बाद अग्रिम यात्रा हेतु प्रस्थान कर गए। चित्तौड़गढ़ श्री काल भैरव मंदिर पर स्वामी जी का प्रथम आगमन होने पर यहां भक्तों व आसपास क्षेत्र और ग्रामीणों में काफी उत्साह था, रास्ते में भी जगह-जगह स्वामी जी का भव्य स्वागत हुआ।
इधर मंगलवार को दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक प्रख्यात भजन गायक शंकर लक्खा एण्ड पार्टी द्वारा संगीतमय नानी बाई का मायरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे रहे। जबकि 31 दिसंबर की देर शाम नव वर्ष अभिनंदन 2025 के तहत भजन संध्या के प्रति भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। तीन दिवसीय आयोजन का समापन नव कैलेंडर वर्ष की बेला में 1 जनवरी बुधवार को दोपहर नानी बाई का मायरा के साथ होगा।