सरवानिया महाराज। शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आज बाल वाहीनी का पथ संचलन निकाला। 1 जनवरी 2025 बुधवार को 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बाल स्वयं सेवकों ने शहर के मुख्य पथ पर संचलन निकाला जिसमें 100 से अधिक बाल स्वयंसेवकों ने कदमताल मिलायें।
बाल राष्ट्र प्रेमियों ने संघ की पारंपरिक वेशभूषा में कदमताल मिलाते हुए जयघोष की नांद पर शहर में भ्रमण किया। इस दौरान शहरवासियों द्वारा बाल सेनिको का जगह जगह फूल वर्षा कर स्वागत किया।
पथ संचलन सुबह पंचमुखी बालाजी मंदिर विधुत ग्रीड से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, मिडिल स्कूल, जावी चौराहा, पिपलीचोक, दरवाजा, सदर बाजार, हवेली चौक, कुम्हार मोहल्ला तथा प्राचीन शिवमंदिर पर रुका।
पथ संचलन का शुभारंभ बोद्धिक प्रमुख पुष्कर गिरी, व शहर सहकार्यवाह संदीप राठौर द्वारा भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर फुल चढ़ाकर किया। बोद्धिक प्रमुख ने देश के महान वीर बालक ध्रुव, भक्त प्रहलाद, गुरू गोविंद सिंह के चारों पुत्रों के बलिदान का वर्णन अपने बौद्धिक में किया। बाल स्वयं सेवकों को इनसे प्रेरणा लेकर पूर्ण चरित्रवान व देश भक्त बनने का आहवान किया। बाल स्वयंसेवकों को अपने माता पिता व गुरूजनों का सम्मान करने व अपने देश की महान संस्कृति को अपनाने के लिए प्रेरित किया है उन्होंने कहा कि संघ की शाखाओं में अच्छे संस्कारों की शिक्षा दी जाती है। अनुशासन का महत्व बताया जाता है। यह अनुशासन दैनिक जीवन में भी नजर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पथ संचलन में सभी स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, जो एक ही गणवेश में रहकर सामूहिक एकता और अनुशासन का परिचय देते हैं। संघ ने हमेशा सभी धर्मों का सम्मान करते हुए प्रत्येक देशवासी को धार्मिक, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने को प्रेरित किया है।