खरगोन। प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय कार्यालयों के कार्यों को त्वरित गति से समय-सीमा में पूर्ण करने, कार्य के प्रति उत्तरदायी बनाने और कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में 02 जनवरी को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में ई-ऑफिस प्रोजेक्ट की उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गयी। इस कार्यशाला में खरगोन जिला मुख्यालय के समस्त विभागों के नोडल अधिकारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर्स ने भाग लिया।
कार्यशाला में मार्गदर्शन देते हुए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने प्रतिभागियों से चर्चात्मक रूप से प्रश्न पूछकर यह सुनिश्चित किया कि सभी विभागों के नोडल अधिकारी ई-ऑफिस प्रणाली को ठीक से समझ लें, जिससे कि वे पुरे विभाग का मानस अनुकूल बनाकर सहर्ष इस प्रणाली को स्वीकार कर अग्रणी कार्य कर सके। कलेक्टर शर्मा ने कंप्यूटर ऑपरेटर्स से भी प्रश्न पूछकर समझाने का प्रयास किया कि ई-ऑफिस प्रणाली सम्बंधित तकनीकी कार्य एक माह की समयसीमा में ही पूर्ण करना है।
कलेक्टर शर्मा द्वारा ई-ऑफिस प्रणाली के विषय में बताया कि इस प्रणाली से गुड-गवर्नेंस की दिशा में मुलभुत सुधार होंगे। इस प्रणाली से कार्य में तेजी आएगी। फाइल्स का संधारण इलेक्ट्रानिकली होने से फाइल्स को आकस्मिक घटनाओं से सुरक्षित रखा जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक फाइल्स से फाइल्स को भौतिक रूप से संभालने एवं फाइल्स के बड़े ढेर लगाने से बचा पायेंगे। ई-ऑफिस प्रणाली से अनधिकृत छेड़छाड़ न हो सकेगी एवं जिम्मेदारी तय होगी जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी एवं नागरिकों को इसके प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे।
कलेक्टर शर्मा ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर पर काम करने के लिए सभी कर्मचारियों का एनआईसी की वेबसाईट पर ई-मेल आईडी अनिवार्य रूप से होना चाहिए। अतः सभी नोडल अधिकारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर एक माह के भीतर एनआईसी की साईट पर अपना ई-मेल आईडी अनिवार्य रूप से बना लें। इससे पूरा सिस्टम भी इलेक्ट्रॉनिक हो जाएगा और सभी पुरानी फाईलें डिजिटल फॉर्मेट में आ जाएगी। ई-ऑफिस कार्यप्रणाली के लागू होने से पेपरलेस काम होगा और फाईलों की गुम होने, नष्ट होने या क्षतिग्रस्त होने की संभावना खत्म हो जाएगी।
कार्यशाला को प्रारंभ करते हुए संयुक्त कलेक्टर सत्यनारायण दर्राे ने ई-ऑफिस प्रणाली को जिले में शीघ्रता से लागू करने पर बल देते हुए कार्यशाला को गंभीरता से लेकर कार्य करने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक एनआईसी के संयुक्त निदेशक (आईटी) राजेंन्द्र पाटीदार ने विस्तार से बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली भारत सरकार से समस्त विभाग में अब कई वर्षों से प्रचलित होकर एक स्थिर प्रणाली बन चुकी है। कोविड महामारी से उपजे लॉकडाउन के समय ई-ऑफिस प्रणाली के कारण ही भारत सरकार के कार्य निरंतर सुचारू संचालित हो सके थे।
पाटीदार ने बताया कि अब मध्यप्रदेश शासन द्वारा भी चरणबध्द तरीके से इस प्रणाली को मंत्रालय एवं विभागों से लेकर संभागीय एवं जिला कार्यालयों तक लागू करने के निर्देश जारी हो चुके है। अतः खरगोन जिले के समस्त विभाग को इस विषय में नेतृत्व करते हुए इस प्रणाली को लागू करने की तैयारी जैसे कि हार्डवेयर गैप एनालिसिस करना अर्थात प्रणाली के लिए आवश्यक कम्प्यूटर हार्डवेयर का एनालिसिस कर व्यवस्था करना, प्रिंटर एवं स्कैनर की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कार्यालयीन कार्यों से जुड़े सभी शासकीय सेवकों के शासकीय ईमेल एकाउंट्स बनवाना, कार्यालय में हाई स्पीड इन्टरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना आदि सम्मिलित है। कार्यशाला में ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक प्रमोद पंवार भी उपस्थति थे।