शाजापुर। कलेक्टर ऋजु बाफना के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले की 200 आंगनवाडी केन्द्रों को प्री-नर्सरी शिक्षण के लिए आज पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में कलेक्टर ऋजु बाफना ने पर्यवेक्षकों को निर्देश दिये कि आंगनवाडी केन्द्रों में चलाए जा रहे प्री-नर्सरी शिक्षण के लिए समस्त ग्राम/वार्ड में जनसमुदाय को जागरूक करें। साथ ही आंगनवाडी केन्द्रों पर बच्चों को नियमित भेजने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व आशा गृह्भेट भी कराएं। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रशिक्षण में दी जा रही गतिविधियों व पाठ्य सामग्री के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों से गतिविधि कराएं, आंगनवाड़ियों में बच्चो कि उपस्थिति नियमित हो, यह सुनिश्चित करें। जिससे कि बच्चो का सर्वांगीण विकास हो सके।
सहायक कलेक्टर शिवम यादव ने निर्देश दिये कि पर्यवेक्षक आंगनवाडी कार्यकर्ता को एक दिन पूर्व ही किये जाने वाली गतिविधि से अवगत कराए। साथ ही सकारात्मक माहोल में बच्चों को व्यवहारिक व सैद्धांतिक ज्ञान भी दें, यह सुनिश्चित करें।
इस दौरान प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम चौहान ने “शाला पूर्व शिक्षा पोषण भी पढ़ाई भी” का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से करने संबंधी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मिशन वात्सल्य अंतर्गत बालको के अधिकार देखरेख व संरक्षण कि आवश्यकता वाले बालको को प्रदाय कि जाने वाली सेवाओ के बारे में अवगत भी कराया।
इस दौरान परियोजना अधिकारी पंकज दावे, ललित राठौर, भगवती मालवीय, नेहा चौहान व नेहा जायसवाल व समस्त पर्यवेक्षक व ब्लाक समन्वयक उपस्थित थे।