ग्वालियर। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले बिजलीकर्मी शब्बीर खां की विधवा को बीमा राशि मिलेगी। पत्नी शकीना बानू के परिवाद को स्वीकार करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा - अज्ञात वाहन की टक्कर लगने के फलस्वरूप शब्बीर खां की मौत हुई। ऐसी स्थिति में बीमा कंपनी का मृतक के ड्राइविंग लाइसेंस की मांग करना अनुचित है।
बीमा कंपनी परिवाद पेश करने की तिथि 12 जनवरी 2022 से 6 प्रतिशत ब्याज के साथ बीमा राशि (चार लाख) का भुगतान करे। अन्य मद में भी बीमा कंपनी को 2 हजार रुपए देने का आदेश दिया गया।
60 वर्षीय शकीना बानू निवासी पुरानी छावनी ने आयोग के समक्ष परिवाद प्रस्तुत करते हुए बीमा कंपनी के कृत्य को अनुचित बताया। उनकी ओर से बताया गया कि 13 अप्रैल 2018 को पति सड़क दुर्घटना की चपेट में आए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई।
पति का मप्र विद्युत कर्मचारी परस्पर साख सहकारी संस्था मर्यादित में पंजीयन था और उन्होंने बीमा कंपनी से 4 लाख का बीमा लिया था। मृत्यु की सूचना बीमा कंपनी को दी गई, लेकिन वहां से क्लेम ये कहते हुए खारिज कर दिया गया कि दोनों पक्षों में समझौता हो चुका है। इसी आधार पर मामला खत्म हो गया था। बीमा कंपनी की ओर से ये भी तर्क दिया गया कि शब्बीर खां के पास ड्राइविंग लाइ सेंस नहीं था।
परिजन बोले- शब्बीर का पर्स गुम हो गया था
शब्बीर के परिजनों की ओर से तर्क दिया गया कि घटना के दौरान शब्बीर का पर्स गुम हो गया था, जिसमें जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने ऐसा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया, जिससे ये साबित हो सके कि बीमित व्यक्ति के परिजनों ने समझौता कर लिया। ना ही मृतक ने कोई घटना को अंजाम दिया।