चित्तौड़गढ़। ब्रह्मा कुमारीज प्रताप नगर सेवा केंद्र पर सुंदर स्नेह मिलन का कार्यक्रम हुआ। इस दिन सामूहिक रूप से विश्व शांति ज्ञान रूप से सभी भाई बहनों ने ओम की ध्वनि के साथ शुरुआत की। इस ध्यान में स्वयं शिव परमात्मा की महिमा करते हुए परमात्मा को इस संसार का खेवईया पालनहार बताया गया। वर्तमान समय विश्व परिवर्तन का सूर्य निकल रहा है।
सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया कि सर्वाधिक विकास के लिए आत्म चिंतन में विशेष आत्मा हीरे सामान चमकने वाली इस शरीर को चलने वाली अनेक प्रकार की योग्यता से भरपूर हूं। मैं आत्मा सच्चा हीरा यह चिंतन स्मरण हम बार-बार करते रहे तो हमारे अंदर की दिव्यता हमें सर्वाेत्तम बनाने में मददगार साबित हो सकती है।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव ने सबसे पहला पाठ राजयोग में हमें यही सिखाया है। स्वचिंतन और परमात्मा चिंतन ही राजयोग का फाउंडेशन है। इस स्नेह मिलन में माउंट आबू से पधारे राज योगी ब्रह्मा कुमार अजय भाई ने बताया की स्व चिंतन उन्नति की सीढ़ी है और पर चिंतन पतन की जड़ है। अमन भाई ने सभी को न्यू ईयर की बधाई देते हुए कहा कि हमें इस नए वर्ष में कुछ नवीनता करके स्वयं में किसी एक गुण को धारण करना है। नागेश भाई ने राज योग मेडिटेशन कराया।