उज्जैन। खाचरोद की एक गौशाला से 498 गौवंश गायब होने से दुखी संतों ने प्रदर्शन करते हुए अपने बाल कटवा लिए। प्रदर्शन के दौरान, संतों ने मंच पर ही नाई को बुलाकर मुंडन करवा लिया। इस विरोध में स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज (गंगोत्री धाम), स्वामी शिवानंद गिरि जी महाराज (हरिद्वार), स्वामी ब्रह्म ऋषि जी महाराज (पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन) और हरियाणा-महाराष्ट्र के गौ भक्तों सहित एक दर्जन लोगों ने मुंडन करवाया।फिर गायों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
खाचरोद के मां बगलामुखी मंदिर के पीठाधीश स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने बताया कि, ग्राम लेकोडिया की गौशाला से 498 गौवंश के लापता होने की न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए ज्ञापन सौंपा गया था। हालांकि, स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न होने के कारण, देशभर से आए संतों और अन्य लोगों ने नाराजगी प्रकट करते हुए अपना मुंडन करवा लिया।
गौशाला में 1028 गौवंश रजिस्टर्ड, मौके पर 530 ही मिले
संत स्वामी कृष्णानंद जी ने गौशाला से 498 गौवंश के लापता होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि, लेकोडिया की गौशाला में कुल 1028 गौवंश रजिस्टर्ड हैं। जब स्वास्थ्य विभाग के वेटरनरी डॉक्टरों ने निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की, तो पता चला कि गौशाला में केवल 530 गौवंश ही मौजूद हैं।
स्वामी कृष्णानंद जी ने 14 जनवरी को पशुपालन मंत्री लखन पटेल को पत्र लिखकर 498 गौवंश के लापता होने की जानकारी दी और प्रशासन से उन्हें खोजने की मांग की थी। हालांकि, आज तक प्रशासन उन गायों का कोई पता नहीं लगा सका है।
मुंडन संस्कार कर 498 गौमाता को श्रद्धांजलि
पीठाधीश स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने अपने जन्मदिन को गौमाता को समर्पित करते हुए खाचरोद में संतों और अन्य लोगों के साथ गौमाता को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन किया। इस अवसर पर, सभी ने गौमाता के नाम पर अपना मुंडन संस्कार कर 498 गौमाता को श्रद्धासुमन अर्पित किए और विरोध प्रकट किया।
संतों ने शासन और प्रशासन को चेतावनी दी कि गौमाता के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।