नीमच। जिला चिकित्सालय में रेटिनोपैथी आफ प्रीमैच्योरिटी आरओपी वाले शिशुओं की फण्डस कैमरा से रेटिना की जॉच शुरू कर दी गई है। वीरेंद्र कुमार सकलेचा मेडिकल कॉलेज कके सहायक प्राध्यापक नेत्र रोग और रेटिना विशेषज्ञ डॉ रजनीश सिंह ने बताया कि आज से जिला अस्पताल में रेटिनोपैथी आफ प्रीमैच्योरिटी की बीमारी की जांच शुरू कर दी गई है। डॉ रजनीश सिंह ने बताया कि जो बच्चे प्रीटर्म यानि कम समय अर्थात 9 माह या 37 सप्ताह से पहले हुए हैं।जिनका वजन 2500 ग्राम से कम हो। ऐसे शिशु जिनको ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है, ऐसे शिशुओं में रेटिनोपैथी आफ प्रीमैच्योरिटी आरओपी की बीमारी होने का खतरा ज्यादा रहता है। अब ऐसे शिशुओ की जाँच मेडिकल कॉलेज के रेटिना विशेषज्ञ डॉ रजनीश सिंह द्वारा प्रतिदिन आउटडोर एवं एसएनसीयू में की जा रही है। उल्लेखनीय है कि यहां प्रतिदिन लगभग 8-10 शिशुओं की आरओपी जाँच की जाती है। नीमच के जिला चिकित्सालय में अब फण्डस कैमरा आ जाने से इन शिशुओं के रेटिना की फोटो ली जा सकेगी।साथ ही बीमारी के बढने या घटने की मॉनीटरिंग भी हो पाएगी। मरीज की बीमारी का रिकार्ड भी रखा जा सकेगा।आज एसएनसीयू में एक 45 दिन के शिशु के ऑख की आरओपी की जॉच एवं फण्डस फोटो लिया गया।इस मौके पर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ रजनीश सिंह, डॉ संगीता भारती, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पियूष सूर्यवंशी, नेत्र सहायक दिनेश चंदेल, एसएनसीयू स्टाफ और आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे। फस कैमरा उपलब्ध कराने के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संगीता भारती और डॉक्टर रजनीश सिंह ने जिला अस्पताल सिविल सर्जन डॉक्टर महेंद्र पाटील सीएमएचओ डॉक्टर दिनेश प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के डीन अरविंद घंघोरिया का आभार व्यक्त किया है।