चित्तौड़गढ़। एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान के तहत जिले में एनीमिया की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य, शिक्षा, और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया, जिससे वे जमीनी स्तर पर कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तारा चंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में जिला औषधि अधिकारी देवी लाल धाकड़, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक विजय कुमार खीचड़ सहित बीसीएमओ, सीडीपीओ, डीपीएम, यूपीम, डीएसी, बीपीएम, सीबीईओ, और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में अतिरिक्त सीएमएचओ डॉ. घनश्याम चावला और रीजनल कोऑर्डिनेटर घनश्याम सोनी ने एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान आयरन एवं फोलिक एसिड टेबलेट्स की उपलब्धता व वितरण, शाला दर्पण और पीसीटीएस पोर्टल पर नियमित एंट्री, एनीमिया स्क्रीनिंग और उपचार प्रक्रिया पर चर्चा की गई। और 5-9 वर्ष के बच्चों, 10-19 वर्ष के किशोरों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को आयरन की गोलियां समय पर उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, और महिला एवं बाल विकास विभागों का आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि एनीमिया की दर को कम करने के लिए विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर नियमित आयरन सप्लीमेंटेशन, स्क्रीनिंग और उपचार सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि वे ब्लॉक और ग्राम स्तर पर कार्यक्रम की प्रभावी मॉनिटरिंग करें ताकि जिले में एनीमिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एनीमिया की स्थिति में सुधार लाना और संबंधित विभागों को प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान को सख्ती से लागू करें और इसके बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें।