नीमच। एक तरफ जहां केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार किसानों के हित में नित नई घोषणाएं एवं फैसले लेकर जन हितेषी योजनाएं चला रही है। वहीं मध्यप्रदेश के लोकप्रिय किसान हितेषी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी किसानों के हित में कई कार्य कर रहे हैं। लेकिन कुछ अधिकारी कर्मचारी मध्यप्रदेश की मोहन सरकार को बदनाम करने में अपनी तरफ से कोई कौर कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। किसानों को अपने छोटे-मोटे कामों जैसे नामांतरण, बंटवारा, इन्द्राज दुरुस्ति या फिर अपने ही खेतों पर जाने वाले आम रास्तों पर दबंगों द्वारा रास्ता रोककर अतिक्रमण करने की समस्याओं के निराकरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पर मजबूर हो रहे हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। इसी प्रकार का एक मामला जावद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ी सरवानिया मसानी पंचायत का सामने आया है। जहां पर किसानों को अपने ही खेतों पर जाने के लिए पिछले कई माह से संघर्ष करना पड़ रहा है।

सीएम हेल्पलाईन में की गई शिकायतों के पश्चात अपर कलेक्टर नीमच द्वारा रास्ता खोलने का आदेश देने के बावजूद ना तो तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू, ना कस्बा पटवारी और ना ही तहसीलदार कोई भी किसानों की समस्या का समाधान करने को तैयार है। यह तो केवल एक मामला है। ऐसे और भी कई मामले है। जब पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक ओमप्रकाश सकलेचा के गृह क्षेत्र के यह हालात है तो अन्य क्षेत्रों की क्या स्थिति होगी। आप आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं।

विस्तृत जानकारी के अनुसार प्रार्थी गण पीड़ित किसानों सुरेश धाकड़, बाबूलाल मीणा, हुकमीचंद धाकड़, राधेश्याम पाटीदार सहित कमलेश, जगदीश, ओंकारलाल ग्राम बोरखेड़ी पंचायत सरवानिया मसानी, तहसील जावद जिला नीमच के किसानों द्वारा मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक शिकायती आवेदन पत्र को मेल कर मांग की है कि हमारी कृषि भूमि ग्राम बोरखेड़ी के तालाब के ऊपर की ओर स्थित है। जहां पर हमारे पुरखे तथा हम वर्षों से कृषि कार्य करते चले आ रहे हैं और हमारे खेतों पर आने-जाने वाले पीढ़ी दर पीढ़ी सार्वजनिक रास्ते को कुछ दबंग लोगों द्वारा अतिक्रमण कर अवरूद्ध कर दिया गया था, जिसकी हमारे द्वारा सीएम हेल्पलाईन नम्बरों 30018816, 30019085, 30018707, 30032435 पर शिकायतें दर्ज करवाई गई थी।

उक्त शिकायतों पर तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर मयूरी जोक जो कि वर्तमान में पदेन जावद तहसीलदार के पद पर पदस्थ है के द्वारा ग्राम बोरखेड़ी के रोके हुए रास्ते का अवलोकन करने तथा मौका स्थिति का मुआयना करते हुए हम सभी किसानों को मौखिक रूप से आश्वस्त किया गया था कि अपर कलेक्टर नीमच के न्यायालय में आपका निगरानी प्रकरण में आदेश होने के उपरान्त आदेशा नुसार त्वरित कार्यवाही की जावेगी। अतः आप अपनी शिकायतों को सीएम हेल्पलाईन से बंद करवा लें। ऐसी स्थिति में हम सभी किसानों ने डिप्टी कलेक्टर पदेन तहसीलदार महोदय जावद मयूरी जोक के मोखिक आश्वासन एवं निर्देशानुसार शिकायत बिना निराकरण के ही विलोपित करवा ली।

उक्त रास्ते के संबंध में विचाराधीन निगरानी प्रकरण क्रं. 0059/निगरानी/2024-25 में पारित दिनांक 29 जनवरी 2025 के आदेशानुसार तहसीलदार के प्रकरण क्रमांक 0020/अ-13/ 2024-25 में निगरानीकर्ता द्वारा चाही गई। अंतरिम सहायता नुसार रास्ता खुलवाये जाने हेतु आदेशित किया गया है। किसानों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से निवेदन किया है कि उक्त आदेश दिनांक 29 जनवरी 2025 को स्थानीय तहसीलदार के न्यायालय में मिल जाने के बाद भी आदेश का पालन आज तक नहीं होने से हम सभी किसान अपने खेतो पर समय पर फसल की बुआई नहीं कर पा रहे है। अतः अपर कलेक्टर के आदेश का पालन शीघ्रता शीघ्र करवाए जाने के निर्देश देकर हम पीड़ित किसानों की समस्या का शीघ्र निराकरण करवाने की कृपा करें। पीड़ित किसानों द्वारा आदेश होने के बाद भी खेतो मे जाने के रास्ते का निराकरण नहीं होने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, प्रदेश के राजस्व सचिव विवेक पोरवाल, उज्जैन संभाग कमिश्नर, जिला कलेक्टर नीमच आदि को भी ईमेल के जरिए अपनी शिकायत भेज कर तत्काल कार्यवाही कर समस्या के निराकरण की मांग की है। अब देखना यह है कि आखिर किसानों की समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।
