भोपाल। अभिरुचि परिसर स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ जैन सर्वतोभद्र चौबीसी जिनालय में वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुनि प्रमाण सागर महाराज के सानिध्य में याग मंडल विधान सम्पन्न हुआ। मुनि प्रमाण सागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जहां चित्त में विशुद्धि है, वहां चिंताओं का अभाव है। जीवन की सार्थकता चिंता में नहीं, चिंतन में है।
आज जिन प्रतिमाओं का कलश अभिषेक होगा और जिनालय के शिखर पर 14 फीट के स्वर्ण कलश का आरोहण किया जाएगा।
टी टी नगर पंच कल्याणक में प्रतिष्ठित 24 तीर्थंकरों की अष्ट धातु और 4 पाषाण की प्रतिमाओं को विशेष अनुष्ठान के साथ नवीन वेदिका पर स्थापित किया जाएगा। चहुँमुखी स्वर्णमय नवीन वेदिका के पुण्याजर्क प्रमोद हिमांशु हैं।
याग मंडल विधान में वीरेंद्र अजमेरा, संगीता, राकेश रुचि सराफ, सुधीर, सोनिया, सुनील, रचना, अनिल, विनोद, भारती, नीतीश, शिखा, विकास और सरिता समेत कई प्रमुख पात्रों ने विधि-विधान से अर्घ अर्पित किया। कार्यक्रम में मंदिर समिति के अध्यक्ष विकास जैन, प्रमोद जैन, महेंद्र कोठारी, इंजीनियर अनिल जैन, नरेंद्र जैन, जे के जैन तथा वामा देवी महिला मंडल की सुधा जैन, अनीता भारती और कुसुम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।