नीमच। जिले में 8 मार्च 2025 शनिवार को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत होने वाले विद्युत वितरण कंपनी से संबंधित मामलों में मप्र शासन उर्जा विभाग, मंत्रालय भोपाल के आदेश से कंपनी विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलु समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलु, 10 अश्वशक्ति भार तक के औधोगिक उपभोक्ताओं को छूट दी जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीमच के सचिव ने बताया कि प्री-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशल प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जावेगी।
इसके साथ ही लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जावेगी।
जिले में 8 मार्च 2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में उपरोक्तानुसार दी जा रही छूट नियम एवं शर्तों के तहत तथा आंकलित सिविल दायित्व राशि रूपये 10 लाख रूपये मात्र तक के प्रकरणों के लिये सीमित रहेगी। जो भी व्यक्ति उक्त छूट का लाभ लेना चाहता है, वह विद्युत मण्डल के कार्यालयों में अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जिला न्यायालय, नीमच स्थित कार्यालय में सम्पर्क कर सकता हैं।