रतलाम। जिला प्रॉपर्टी एसोसिएशन ने जिले के राजस्व विभाग की मनमानी को लेकर 7 मार्च को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने राजस्व विभाग में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होने का गंभीर आरोप लगाया है।
जिला प्रॉपर्टी एसोसिएशन ने राजस्व विभाग की मनमानी को लेकर शनिवार दोपहर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अध्यक्ष राकेश पीपाड़ा ने कहा कि भूमि की रजिस्ट्री के बावजूद राजस्व विभाग (तहसील कार्यालय) में भूमियों का नामांतरण नहीं करते हुए भूमियों के वर्ष-1956-57 के रिकॉर्ड के नाम पर प्रक्रिया को रोका जा रहा है। उक्त नियम तत्कालीन कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने मौखिक आदेश पर लागू किया था। जिसका हमारे द्वारा आरटीआई में जानकारी मांगने पर भी लिखित आदेश उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति के बदले आधा फीसद कमीशन नहीं देने पर कार्य नहीं करने के भी आरोप लगाए।
पटवारी अवैध रूप से लेते है राशि
पीपाड़ा ने कहा कि रतलाम कलेक्टर का अधीनस्थों पर अंकुश नहीं है। पटवारी अवैध रूप से राशि लिए बगैर जमीन की नपती तक नहीं करता। जमीन की नपती के दौरान पटवारी मनमाना रवैया अपनाते है। भूमि स्वामी की फील्ड बुक, नक्शा और पंचनामा तक नहीं बनाते। पटवारी सिर्फ जमीन पर चारों तरफ लकड़ियां गाड़ देता है और कह देता है कि तुम्हारी जमीन की नपती हो गई। इसके कारण भूमि संबंधित अपराध भी बढ़ रहे है।
कैबिनेट मंत्री से भी की थी शिकायत
प्रॉपर्टी एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा साल 1956 और 1957 के भूमि के रिकॉर्ड के नाम पर ब्रोकर और भूमि स्वामियों को परेशान करने की शिकायत कैबिनेट मंत्री चौतन्य काश्यप से भी कर चुके हैं। मंत्री काश्यप ने राजस्व मंत्री से भोपाल में मुलाकात भी की। उन्हें तत्कालीन कलेक्टर के मौखिक आदेश की भी जानकारी दी। इसके बाद भी प्रदेश सरकार रतलाम जिला प्रशासन की मनमानी पर अंकुश नहीं लगा पा रही है, जिससे काफी परेशानी हो रही है।
पीपाड़ा बोले- पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार में डूबा
एक सवाल के जवाब में एसोसिएशन जिलाध्यक्ष पीपाड़ा ने का कहना था कि पूरा सिस्टम ही भ्रष्टाचार में डूबा है। एक अन्य सवाल के जवाब में कहना था कि हम ऐसे लोगों को भी चिह्निंत कर रहे है जो कुछ अधिकारियों से मिलकर गलत कार्य कर रहे है। एसोसिएशन में अब ऐसा कोई सदस्य नहीं रहेगा जो गलत कार्य करता हो।
पदाधिकारियों ने कहा कि जिला स्तर पर प्रदर्शन के बाद भी सुनवाई नहीं होती है तो वह मामले में उच्चस्तर पर आंदोलन और प्रदर्शन करेंगे। राजेश जैन, अशोक भड़ावत, हेमंत कोठारी, बाकीर अली, चंद्र प्रकाश भंडारी, राकेश कोचट्टा आदि मौजूद रहे।