भोपाल। 87 शराब दुकानों के लिए ई-टेंडर की प्रोसेस आज से शुरू हो गई है। इन दुकानों को 4 ग्रुप में बांटा गया है। 8 मार्च तक ऑफर सबमिट होंगे, जबकि 9 मार्च तक प्रोसेस पूरी करना है। इससे पहले ये दुकानें 35 ग्रुप में शामिल थी। आबकारी विभाग ने इस वित्त वर्ष में भोपाल की वाइन शॉप्स से 1073 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल करने का टारगेट रखा है। सहायक आयुक्त आबकारी दीपम रायचुरा और जिला आबकारी कंट्रोलर एचएस गोयल ने बताया, मंगलवार से ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिसके लिए नए नियम और निर्देश जारी किए हैं। इन 87 दुकानों को अब 4 बड़े समूहों में बांटा गया है। बता दें कि नई शर्तों के अनुसार अब रिजर्व प्राइज के आधार पर सबसे छोटे समूह के टेंडर का आवेदन करने के लिए ही कम से कम 2.25 करोड़ रुपए की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) जमा करनी होगी। इससे पहले तीन से चार दुकानों के समूह के लिए 20 से 30 लाख की ईएमडी ही जमा करनी थी। ऐसे में छोटे शराब कारोबारियों के लिए ईएमडी जमा कराना मुश्किल हो जाएगा और केवल बड़े शराब कारोबारी या उनका समूह (सिंडिकेट) ही टेंडर भर सकेगा। रिजर्व प्राइस 1087 करोड़ की राशि का 80ः राजस्व नहीं मिलने के कारण नवीनीकरण और लॉटरी की प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। 19 समूहों की 49 दुकानों के संचालकों ने 20 प्रतिशत ज्यादा राशि देकर 607 करोड़ में नवीनीकरण कराया था। यह कुल राजस्व का 56.57 प्रतिशत रहा। शेष 16 समूह की 38 दुकानों के लिए लॉटरी प्रक्रिया में सिर्फ 6 समूहों के लिए आवेदन आए जबकि 10 समूहों के लिए आवेदन नहीं आए। जबकि इस प्रक्रिया में 251.40 करोड़ नहीं आया। इस कारण नए टेंडर बुलाने पड़े हैं।