भोपाल। प्रदेश में अब कोई भी शासकीय विभाग प्लानिंग एरिया के बाहर भी प्रोजेक्ट तैयार कर सकेगा और राज्य सरकार को प्रस्ताव देगा, जिसे सरकार परमिशन देगी। ऐसे प्रोजेक्ट की कम से कम लागत 500 करोड़ रुपए होनी चाहिए। मोहन सरकार ने नगर और ग्राम निवेश से संबंधित विधेयक को भी मंजूरी दे दी है, जिसे विधानसभा में लाया जाएगा।
इसके साथ, ही महाकाल मंदिर में 488 होमगार्ड स्वयंसेवकों की तैनाती के लिए भी कैबिनेट ने सहमति दी है। इसके अलावा, दूसरे अनुपूरक बजट को भी मंजूरी दी गई है, जिसे विधानसभा में पेश किया जाएगा।
नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को समिट के प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए सतत फॉलो-अप करने और विभाग प्रमुखों के साथ रिव्यू करने का निर्देश दिया है।
प्रमुख सचिव हर हफ्ते रिव्यू करेंगे और मुख्य सचिव को इसकी रिपोर्ट देंगे। मंत्री भी इन प्रस्तावों को साकार करने के लिए कार्य करेंगे। इस दौरान सेक्टरवार मिले निवेश प्रस्तावों की जानकारी साझा की गई।
इस साल 30 मार्च से 30 जून तक प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जाएगा।
प्लानिंग एरिया के बाहर भी प्रोजेक्ट तय कर सकेंगी निर्माण एजेंसियां
आज कैबिनेट बैठक में नगर और ग्राम निवेश संशोधन विधेयक 2025 को मंजूरी दी गई है। इस विधेयक के तहत कोई भी शासकीय विभाग प्लानिंग एरिया के बाहर भी निवेश कर सकेगा और राज्य सरकार को प्रस्ताव देगा, जिसे सरकार स्वीकृति प्रदान करेगी।
एमपीआईडीसी, एमपीआरडीसी, साडा, विकास प्राधिकरण सहित अन्य एजेंसियों को 500 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट तैयार करने पर इस प्रकार की छूट दी जाएगी।