नीमच। सभी विभाग शासन द्वारा संचालित स्वरोजगार एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए इसी माह लक्ष्यों को निर्धारित कर लें और समुदाय विशेष व दिव्यांग हितग्राहियों के लिए न्यूनतम 10-10 प्रतिशत लक्ष्य तय कर, प्रथम त्रैमास में हितग्राहियों को लाभांवित करना सुनिश्चित करें। यह निर्देश कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में समय-सीमा पत्रों के निराकरण की समीक्षा बैठक में सभी जिला अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत सी.ई.ओ. अमन वैष्णव, ए.डी.एम. लक्ष्मी गामड़, सभी एस.डी.एम. एवं डिप्टी कलेक्टर्स तथा जिला अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर चंद्रा ने निर्देश दिए, कि महिला एवं बाल विकास विभाग के सेक्टर सुपरवाईजर मेम एवं सेम श्रेणी के बच्चों को एनआरसी में भर्ती करवाना सुनिश्चित करें। किसी भी एनआरसी में निर्धारित सीटों से कम बच्चें ना रहे। एनआरसी से डिस्चार्ज होने पर शेष रिक्त सीटों पर बच्चों को अनिवार्य रूप से भर्ती करवाए। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी प्रतिदिन एनआरसी में भर्ती बच्चों की संख्या व रिक्त सीटों की जानकारी लें और प्रतिदिन बच्चों को मैदानी अमले के माध्यम से एनआरसी में भर्ती करवाए। उन्होने जिला नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए, कि वे ग्राम पंचायतों के भ्रमण दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें और यह देखे, कि आंगनवाड़ी केंद्रों में दो समय बच्चों को नाश्ता एवं गर्म पक्का भोजन मिल रहा है, या नहीं ? सभी बच्चों का टीकाकरण हुआ है या नहीं ? बच्चों की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज संख्या के अनुरूप है, या नहीं ? इस संबंध में निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
कलेक्टर चंद्रा ने लोक स्वा.यां.विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए,कि वे आगामी ग्रीष्मकाल में संभावित पेयजल संकट के समाधान के लिए पंचायतवार,ग्रामवार कार्ययोजना बनाकर, एक सप्ताह में प्रस्तुत करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें,कि ग्रीष्मकाल में किसी भी ग्राम में किसी भी कारण से पेयजल संकट उत्पन्न ना हो।