भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 15 दिनों के भीतर दूसरी बार 6000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। इससे पहले 18 फरवरी को भी सरकार ने इतनी ही राशि का ऋण लिया था। इस वित्तीय वर्ष में एमपी सरकार अब तक कुल 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है। मार्च 2024 की स्थिति में प्रदेश पर 3.75 लाख करोड़ का कर्ज हो चुका है, इस वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार कुल 41 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बाजार से ले चुकी है। नया छह हजार करोड़ का कर्ज मिला कर यह राशि 47 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी।
प्रदेश सरकार अगस्त 2024 से अब तक हर महीने बाजार से कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण विकास परियोजनाओं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए लिया गया है। यह कर्ज वित्तीय नियमों के तहत लिया गया है और सरकार के बजटीय प्रबंधन के दायरे में आता है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ऋण नीति पर सवाल उठाए हैं और इसे राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए चिंताजनक बताया है।
कर्ज का उपयोग और भविष्य की योजना सरकार का कहना है कि यह ऋण बुनियादी ढांचे, बिजली क्षेत्र और कल्याणकारी योजनाओं में खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कर्ज की अदायगी की योजना भी बनाई जा रही है ताकि वित्तीय संतुलन बना रहे।