नीमच। देश के उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और हवा चलने से प्रदेश के अन्य जिलों के साथ नीमच में भी दो दिन से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। इसके साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। 24 घंटों में प्रदेश के सबसे कम तापमान वाले शहरों में मालवा का नीमच चौथे नंबर पर रहा। मंगलवार-बुधवार की रात न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम पारा 28.8 डिग्री रहा। विज्ञान विभाग के अनुसार एक-दो दिन मौसम इसी प्रकार रहेगा। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार रबी फसलों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। अधिकतर फसल पक चुकी है या पकने की अंतिम स्टेज पर है। ऐसे में अंतिम स्टेज वाली फसलें व अफीम फसल को फायदा है।

मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि एक-दो दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। बारिश के आसार नहीं हैं। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 मार्च से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। ऐसा होने पर फिर से प्रदेश में असर देखने को मिल सकता है। इससे दूसरे सप्ताह में भी मौसम मिला-जुला रहेगा और होली के बाद ही गर्मी असर दिखना शुरू करेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र नीमच के प्रधान और वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीपी पचौरी ने बताया कि बीच में तापमान में बढ़ोतरी के कारण रबी सीजन की अधिकांश फसल परिपक्व अवस्था में होकर पक चुकी है। इन फसलों पर ठंड का असर नहीं पड़ेगा। जहां गेहूं की बालियां हरी अवस्था में हैं, वहां फसल को फायदा होगा। दानों में बढ़वार होगा। नमी कम है तो पानी जरूर दें। अफीम फसल को भी नुकसान नहीं है। खड़ी फसल में लगे डोडा पर चीरे लगाने का कार्य चल रहा है।
